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Ground Report mp : मुद्दों पर मांग रहे हिसाब, चुनाव में प्रत्याशियों को आ रहा पसीना!

पिछले चुनाव की घोषणाओं पर ही है इस बार का संग्राम....

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भोपाल

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Amit Mishra

Nov 21, 2018

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Ground Report mp : मुद्दों पर मांग रहे हिसाब, चुनाव में प्रत्याशियों को आ रहा पसीना!

बालाघाट @मंतोष कुमार सिंह की रिपोर्ट...

बालाघाट की जनता वर्षों पुरानी घोषणाएं अधूरी होने से नाराज है। मैं एक चाय की दुकान पर पहुंचा। यहां चुनावी चौपाल जमी है। रहीम खान मेडिकल कॉलेज और शक्कर कारखाना खोलने के पुराने वादे को खोखला बता रहे हैं। बोले, जागपुर घाट पर पुल बनाने और ओवरब्रिज के निर्माण की घोषणा भी अधूरी है।

उद्योग-धंधे बंद होते जा रहे हैं....

अंसार मदनी का कहना है कि चुनाव के समय बड़ी-बड़ी घोषणाएं और वादे किए जाते हैं, लेकिन जीतने के बाद जनता की समस्याओं तक पर ध्यान नहीं दिया जाता। बेरोजगारी बढ़ती जा रही है। पुराने उद्योग-धंधे बंद होते जा रहे हैं। पिछले 15 साल में यहां एक भी नया उद्योग स्थापित नहीं किया गया।

पार्किंग व्यवस्था पर ध्यान देने की जरूरत...
शैक्षणिक संस्थान के संचालक अरविंद सोनी ने कहा कि उच्च और व्यावसायिक शिक्षा की ओर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया गया। युवाओं को शिक्षा ग्रहण करने के लिए दूसरे राज्यों और शहर में जाना पड़ रहा है। व्यापारी राजेश भाई चावड़ा कहते हैं, व्यवस्थित बस स्टैंड, सुचारू यातायात और पार्किंग व्यवस्था की ओर ध्यान देने की जरूरत है।

पट्टे के लिए भटक रहा हूं...

अतिक्रमण से शहर की सड़कें सिकुड़ती जा रही हैं। बालाघाट से 10 किमी दूर कनकी में पान दुकान पर दर्जनभर लोग मौजूद हैं। कोमल सिंह कह रहे हैं, सरकारी अस्पताल में बिना पैसा दिए गरीबों को इलाज नहीं मिल रहा है। धर्मराज बोले, कई साल से पट्टे के लिए भटक रहा हूं, लेकिन कहीं भी सुनवाई हुई। चुनाव आते ही नेता आश्वासन दे जाते हैं।

कबेलू उद्योग धीरे-धीरे हो रहा बंद...
बेहरई गांव के प्रवेश कटरे बोले, बेहरई से गौरीशंकर बिसेन के गांव लेण्डेझरी जाने वाली सड़क कई जगह टूट गई है। मरम्मत की जगह मिट्टी से गड्ढे भर दिए गए हैं। गांव में भी यह तस्वीर देखने को मिलती है।

रूपचंद्र बिसेन का कहना है कि लेण्डेझरी में कोई समस्या नहीं है। सभी घरों में शौचालय और गांव में सीसी रोड का निर्माण हुआ है। काफी कुरेदने पर उन्होंने कहा कि व्यावसायिक शिक्षा और रोजगार के साधन नहीं हैं। कबेलू उद्योग धीरे-धीरे बंद हो रहे हैं।


ये हैं मुख्य प्रत्याशी....
बालाघाट में भाजपा के गौरीशंकर बिसेन, कांग्रेस के विश्वेश्वर भगत, सपा की अनुभा मुंजारे, बसपा के योगेश समरीते और आप की अफसाना खान में मुकाबला है। निर्दलीय अनुराग चतुरमोहता और किरन मेरावी भी मैदान में हैं।

क्या है प्रत्याशियों की ताकत और कमजोरी...

गौरीशंकर बिसेन, भाजपा
ताकत: कैबिनेट मंत्री। सरकारी योजनाओं में हुए कामों का दम है।

कमजोरी: घोषणाओं पर अमल नहीं करना। पार्टी कार्यकर्ताओं से समन्वय नहीं।


विश्वेश्वर भगत, कांग्रेस
ताकत: पवार समाज का प्रतिनिधित्व करना। पूर्व सांसद व विधायक।
कमजोरी: विधानसभा क्षेत्र में सक्रिय नहीं। ग्रामीणों से संवादहीनता।


अनुभा मुंजारे, समाजवादी पार्टी

ताकत:लोधी समाज में पैठ। जनता की समस्याओं पर हमेशा मुखर।

कमजोरी: चुनाव के पूर्व सक्रिय होना, जनता से कम संवाद करना।


चुनाव विकास के मुद्दे पर लड़ा जा रहा है। प्रदेश सरकार की योजनाओं से सभी ग्रामीणों को लाभ मिला है। विधानसभा क्षेत्र में बेहतर शिक्षा के लिए प्रयास किए गए हैं।
गौरीशंकर बिसेन, भाजपा प्रत्याशी

महंगाई, भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और किसानों की समस्याएं बढ़ी हैं। महिलाओं व मासूमों के साथ दुराचार हो रहे हैं। ऐसी कई समस्याओं को लेकर इस बार चुनाव लड़ा जा रहा है।
-विश्वेश्वर भगत, कांग्रेस प्रत्याशी

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