
किसी भी नेता को यहां घुसने नहीं देंगेेे यदि हमें खेती के लिए बिजली नहीं मिली तो
मुकेश विश्वकर्मा की रिपोर्ट...
कटनी जिले के विधानसभा क्षेत्र बहोरीबंद के खिरहनी गांव के वृद्ध किसान विद्याधर द्विवेदी कहते हैं, किसानों को बिजली नहीं मिलेगी तो रोजी-रोटी कैसे चलेगी। सरकार तो आठ-दस घंटे बिजली देने का दावा करती है, लेकिन हमें चार घंटे भी नहीं मिलती।
सरपंच भागीरथ द्विवेदी भी उनकी बात पर हामी भरते हैं। एक पेड़ के नीचे चौपाल पर संतोष उपाध्याय, गणपत यादव, भगवान दास काछी, सुरेश, सीताराम, धर्मेंद, तारापत, सोनेलाल कुशवाहा, राकेश झारिया, शिवचरण, अखिलेश गर्ग और पदमलाल पटेल चर्चा कर रहे हैं।
सरकार ने नहर के लिए हमारी 800 एकड़ जमीन तब कहा था कि काम भी देंगे। अब यहां जितने लोग काम कर रहे हैं, सब बाहर के हैं। हमें काम ही नहीं दिया गया। भागीरथ बोले, यहां तो ऐसा लगता है जैसे अंग्रेजों का शासन है। तिहारी, कौडिय़ा, बंधी, धूरी, भगनवारा और टिकरिया में भी बिजली को लेकर ज्यादा शिकायत है।
चौपाल में बैठे ग्रामीणों ने कहा, खेती के लिए बिजली नहीं मिली तो किसी भी नेता को यहां घुसने नहीं देंगे। हालांकि, उन्हें घरेलू बिजली से कोई शिकायत नहीं है।
कटनी विधानसभा क्षेत्र के मुड़वारा के युवा नेता मौसूफ अहमद बिट्टू गुस्से में कहते हैं, यहां ट्रैफिक जाम से लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है। कटनी पुल 15 सालों में पूरा नहीं हो सका। निर्माण कार्य की गुणवत्ता खराब है। सफाई नहीं हो रही है, लेकिन इसके नाम पर स्वच्छता और सफाई कर बराबर वसूले जा रहे हैं।
ये तो अवैध वसूली हुई न। नेताओं की आपसी खींचतान में फ्लाइओवर और अंडरब्रिज का निर्माण नहीं हो पा रहा है। सभी नेता श्रेय लेने की होड़ में है। हास्य कवि शरद जायसवाल कहते हैं, नेताओं का काम ही व्यवस्था बिगाडऩा। वे यहां के हर काम में खींचतान करते हैं।
राजेश जाटव बोले, यहां नाले में दो लोगों की जान चली गई, लेकिन नालों को अब तक नहीं ढंका गया। सरकारी स्कूल में पार्किंग बना दी है। समाजसेवी डिम्पल सिकंदर अली का कहना है, शहर में पर्याप्त स्थान होने के बावजूद लड़कियों के कॉलेज को 12 किलोमीटर दूर शिफ्ट किया जा रहा है।
देश का सेंटर प्वॉइंट होने के बावजूद यह शहर दुर्दशा का शिकार है। एशिया का दूसरे नंबर का रेलवे का यार्ड है।
समाजसेवी पं. अरविंद तिवारी बोले, सभी अफसरों ने अपने घर-दफ्तर शहर से दूर बना लिए हैं तो उन्हें शहर की समस्या दिखाई ही नहीं पड़ती है। अतिक्रमण इतने हैं और कार्रवाई के नाम पर महज खानापूर्ति होती है।
उनके खिलाफ एक भी प्रकरण अब तक नहीं बनाए हैं। विजयराघवगढ़ विधानसभा क्षेत्र में महानदी में अवैध उत्खनन से लोग परेशान हैं। डंपरों से सड़कें खराब हो रही हैं। कई सड़कें स्वीकृत होने के वर्षों बाद भी नहीं बन सकीं। पचमठा वार्ड के सरजू बर्मन कहते हैं, वार्ड में ट्रांसफार्मर नहीं लगने से बिजली की समस्या है।
सचिन सोनी, मुन्नू गुप्ता, आशुतोष सर्राफ कहते हैं, कारीतलाई गांव में लोग पीने के पानी को लेकर त्रस्त हैं। नाली का पानी पिलाया जा रहा है। टंकी है, बोरवेल है, लेकिन उसकी पाइपलाइन नहीं बिछाई जा रही है।
Published on:
29 Oct 2018 09:36 am
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