
MP election 2018: आज सुबह 11 से दोपहर 3 बजे तक भरे जाएंगे नामांकन पत्र, रहेगी चाक-चौबंद व्यवस्था
भोपाल। विधानसभा चुनाव के लिए उम्मीदवार कलेक्ट्रेट में शुक्रवार से नामांकन पत्र भरेंगेे। रिटर्निंग अधिकारियों के कक्ष में सुबह 11 से दोपहर 3 बजे तक प्रक्रिया होगी।
कलेक्टर सुदाम खाडे ने बताया कि निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार अभ्यर्थी सहित अधिकतम पांच व्यक्ति आरओ के कक्ष में जा सकेंगे। अभ्यर्थी के साथ आने वाले दस्ते एवं वाहनों की अधिकतम संख्या तीन तय की गई है।
- जिले के विधानसभा क्षेत्र 149 बैरसिया के नाम निर्देशन पत्र कक्ष 123 कलेक्टर कार्यालय पुराना सचिवालय ए ब्लॉक में जमा होंगे।
- विधानसभा क्षेत्र 150 भोपाल उत्तर के नाम निर्देशन पत्र कार्यालय अनुविभागीय अधिकारी हिरदाराम नगर वृत्त इंदौर रोड ।
- विधानसभा क्षेत्र 151 नरेला के लिए कार्यालय अनुविभागीय अधिकारी गोविंदपुरा वृत्त पुराना आरटीओ परिसर में फॉर्म जमा होंगे।
- विधानसभा क्षेत्र 152 दक्षिण पश्चिम के लिए कक्ष 144 कलेक्टर कार्यालय ए ब्लॉक।
- विधानसभा क्षेत्र 153 भोपाल मध्य के लिए कार्यालय अनुविभागीय अधिकारी शहर वृत्त भोपाल शिरीन मंजिल इंदौर रोड ।
- विधानसभा क्षेत्र 154 गोविंदपुरा के लिए कक्ष 152 कलेक्टर कार्यालय ए ब्लाक में नामांकन जमा होंगे।
- विधानसभा क्षेत्र 155 हुजूर के लिए कार्यालय अनुविभागीय अधिकारी तहसील हुजूर डी ब्लॉक पुराना सचिवालय नामांकन जमा होंगे।
रास नहीं आया संपर्क अभियान :-
वहीं यह भी चर्चा है कि संपर्क फॉर समर्थन और कमल दिवाली संपर्क अभियान मंत्रियों और संगठन के बड़े नेताओं को रास नहीं आया। भाजपा ने मुख्यमंत्री, 17 मंत्री और पदाधिकारियों को अभियान के तहत जिले के 19 मंडलों में प्रचार की जिम्मेदारी सौंपी थी।
मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री थावरचंद्र गहलोत को छोड़कर किसी भी मंत्री और पदाधिकारी ने सक्रियता नहीं दिखाई। स्थानीय नेताओं ने औपचारिक तरीके से अभियान चलाया और गुरुवार को समापन कर दिया। जिलाध्यक्ष सुरेन्द्रनाथ सिंह का कहना है कि कुछ लोग नहीं आ सके, लेकिन कार्यकर्ताओं ने पूरी मेहनत से भाग लिया।
इधर ये बोली राजधानी की बिजनेस वुमन्स :
चुनाव में महिलाओं को भी टिकट दें...
अर्थव्यवस्था विकसित करने में महिलाओं की भूमिका कम नहीं आंकी जानी चाहिए। बड़ी संख्या में महिलाएं बिजनेस, नौकरी में आगे बढ़ रही हंै। सरकार महिलाओं को ध्यान में रखकर प्रॉफिटिंग बजट बनाए। चुनाव में महिलाओं को ज्यादा संख्या में टिकट देना चाहिए।
रंजना बाहेती, स्कूल पिं्रसिपल
बिजनेसमैन को राहत दिलाने के प्रयास हों...
नोटबंदी और जीएसटी एक साथ लागू हो गई। हमें बड़े शहरों से माल मंगाने में दिक्कतें आ रही हंै। इस चुनाव में जिसकी भी सरकार बने उसे इस समस्या से बिजनेसमैन को राहत दिलाने के कदम उठाने चाहिए। जनप्रतिनिधि ऐसे हों जो महिलाओं को बिजनेस के क्षेत्र में प्रोत्साहित करें।
ममता बंग, गिफ्ट आर्टिकल विक्रेता
महिलाओं के बिजनेस के लिए अलग मार्केट
बिजनेस वुमन को व्यापार के क्षेत्र में प्राथमिकता दी जाती है, लेकिन उन्हें कठिनाइयों का भी सामना करना पड़ता है। उम्मीदवारों को वादा करना चाहिए कि वे मेट्रो सिटीज की तरह प्रदेश में भी महिलाओं के लिए अलग से मार्केट बनवाकर देंगे। वहां महिलाएं व्यवसाय को आगे बढ़ा सकेंगी।
नम्रता माहेश्वरी, विज्ञापन एजेंसी संचालक
जीएसटी नियमों में सुगमता लाई जाए
जीएसटी अच्छा है,लेकिन नियम ऐसे हंै कि सुगमता से बिजनेस नहीं किया जा सकता। सरकार इन नियमों का सरलीकरण करे। 3 बी रिटर्न तिमाही होना चाहिए। व्यापार में सुगमता होगी तो महिलाएं बिजनेस की तरफ ज्यादा प्रोत्साहित होंगी।
रुचि खंडेलवाल, डेयरी एवं स्वीट्स कारोबारी
महिलाओं को सस्ती दरों पर ऋण मिले
सरकार जनहितैषी योजनाओं की घोषणा करती है, लेकिन आम लोगों को समझा नहीं पा रही। कई मामलों में प्रक्रिया सरल दिखती है,लेकिन क्रियान्वयन उतना ही कठिन होता है। बिजनेस में प्राथमिकता देने के लिए महिलाओं को सस्ती दरों पर ऋण उपलब्ध कराना चाहिए।
सविता मनयां, फाइनेंशियल एडवाइजर
हमारी सुरक्षा के लिए पॉलिसी बनाई जाए
आज महिलाएं सरकारी, निजी क्षेत्र में रोजगार से जुड़ रही हंै। बिजनेस में भी अहम् भूमिका निभा रही हैं, लेकिन उनकी सुरक्षा की कोई श्योरिटी नहीं रहती। सरकार को सिर्फ वोट ही नहीं महिलाओं की सुरक्षा को लेकर भी अलग से पॉलिसी बनाना चाहिए।
बलजीत सैनी,ब्यूटीशियन
...ताकि उम्मीदवार समझें हमारी परेशानी
बिजनेस की समझ रखने वाले उम्मीदवारों को चुनाव में उतारना चाहिए ताकि बिजनेस क्लास की परेशानियों को असानी से समझ सकें। परोपकारी एंटरप्रेन्योर्स समाज निर्माण के लिए कार्य कर रहे हैं, उन्हें प्रोत्साहित करने की जरूरत है। इससे ही समाज मजबूत होगा।
सजी सिंह, सोशल एंटरप्रेन्योर
बुटिक मटेरियल से जीएसटी हटाया जाए
चुनाव में महिलाओं को भी टिकट मिलना चाहिए ताकि वे बिजनेस वुमन्स की परेशानी दूर कर सकें। जीएसटी से कपड़े सहित बुटिक में लगने वाला मटेरियल महंगा हो गया है। यह महिलाओं को रोजगार देने वाला बड़ा सेक्टर है, इसलिए सरकार को कपड़े पर लगने वाला जीएसटी हटाना चाहिए।
जूली सैनी बुटिक संचालिका
Published on:
02 Nov 2018 09:24 am
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