
Twisha Sharma Death Case: (Photo Source - Patrika)
Twisha Sharma Case Updates:एमपी में भोपाल के बहुचर्चित मामले में लगातार जांच जारी है। इस मामले में सीबीआई इस बात की जांच करेगी कि पुलिस तक सूचना देरी से क्यों पहुंचाई गई। सीबीआई मामला नोट करने वाले डॉक्टर से भी पूछताछ करेगी। ट्विशा ने 12 मई की रात 10:20 बजे कथित रूप से फांसी लगाई थी। एम्स से 13 मई की सुबह 5 बजे मामला दर्ज कराया गया। ट्विशा के परिजन आरोप लगा रहे थे कि केस को प्रभावित करने की नीयत से गिरिबाला सिंह और उनके बेटे ने समय पर पुलिस को सूचना नहीं दी। समर्थ अस्पताल में ट्विशा की मौत की पुष्टि के बाद घर लौट आया था। एफआईआर में भी हुई है।
जानकारी के लिए बता दें कि बीते दिन SIT की टीम समर्थ सिंह को बाग मुगलिया एक्सटेंशन स्थित उसके घर लेकर पहुंची। इस दौरान यहां समर्थ सिंह और गिरिबाला सिंह से करीब ढाई घंटे तक पूछताछ की गई और स्पॉट वेरिफिकेशन कराया गया। बता दें भोपाल पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 80(2), 85 और 3(5) के साथ दहेज प्रतिषेध अधिनियम की धाराओं में केस दर्ज किया था। 33 वर्षीय ट्विशा शर्मा के परिवार का आरोप है कि ससुराल पक्ष ने उन्हें आत्महत्या के लिए मजबूर किया, जबकि ससुराल पक्ष का दावा है कि ट्विशा ड्रग्स की आदी थीं।
बताय़ा जा रहा है कि पुलिस जब समर्थ सिंह को लेकर उसके घर पहुंची तो मौके पर काफी हलचल थी। पुलिस उसे सीधे अंदर लेकर पहुंची और काफी देर तक बंद दरवाजे के अंदर पूछताछ और पड़ताल चलती रही। पुलिस जब उसे लेकर वापस लौटी तो गाड़ी में उसके साथ कुछ सील बंद लिफाफे भी दिखाई दिए। बताया जा रहा है, पुलिस ने घर से कुछ अहम सुराग या दस्तावेज सुरक्षित किए हैं। वहीं लगातार 3 दिनों में 10 घंटे तक हुई पूछताछ में समर्थ ने कई बातों की जानकारी भी दी है।
स्पॉट वेरिफिकेशन के लिए घर लेकर गई उस दौरान ट्विशा का लैपटॉप, समर्थ सिंह का लैपटॉप, उसके दो मोबाइल फोन और पासपोर्ट जब्त किए गए। सवाल यह है कि जिन लैपटॉप और मोबाइल फोन में चैट, कॉल डिटेल, मेल, लोकेशन और घटना से पहले-बाद की अहम जानकारी हो सकती थी, उन्हें 13 दिन तक जब्त क्यों नहीं किया गया।
परिजनों का आरोप है कि दिसंबर 2025 में हुई शादी के बाद से ही कम दहेज को लेकर ट्विशा को लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था। घटना की रात आखिरी फोन कॉल पर भी ट्विशा की मां ने पति के चिल्लाने की आवाज सुनी थी, जिसके तुरंत बाद फोन कट गया और अगली बार फोन उठाने पर सास गिरिबाला सिंह ने सीधे ट्विशा की मौत की खबर दी। फिलहाल दिल्ली एम्स की विशेष टीम द्वारा किए गए दूसरे पोस्टमार्टम की विस्तृत रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
एएनआई ने सूत्रों के हवाले से किए एक अन्य दावे में ये भी कहा कि, जब समर्थ से उसके फरार रहने के कारण के बारे में पूछताछ की गई तो उसने बार-बार जांचकर्ताओं को गुमराह करने की कोशिश की। पूछताछ के दौरान उसने अपने इस दावे को दोहराया कि, उसने ट्विशा को 7 लाख रूपए दिए थे। फिलहाल, एसआईटी ने समर्थ का लैपटॉप, मोबाइल फोन, पासपोर्ट, आधार कार्ड और अन्य अहम दस्तावेज़ ज़ब्त किए हैं। पुलिस लैपटॉप और मोबाइल को गहन जांच में लेगी।
इस पूरे मामले को लेकर जांच लगातार उलझती जा रही है। मुख्य आरोपी समर्थ सिंह से पूछताछ के बाद कई नए खुलासे सामने आए हैं। पुलिस जांच में पता चला है कि घटना के बाद समर्थ करीब 10 दिन तक जबलपुर में छिपा रहा। इसकी पुष्टि कटारा हिल्स थाना प्रभारी सुनील दुबे ने भी की है। समर्थ अभी पुलिस रिमांड पर है। इन दौरान पूरे समय समर्थ ने अपना मोबाइल भी बंद रखा, ताकि पुलिस लोकेशन ट्रेस न कर सके। हालांकि तकनीकी जांच में उसकी आखिरी मोबाइल लोकेशन भोपाल में ट्रेस हुई थी, जिसके बाद पुलिस ने उसकी तलाश तेज कर दी थी।
पुलिस की पूछताछ में समर्थ ने लोकेशन बदलने और लोगों से सीधे संपर्क से बचने की बात कबूल की है। जांच एजेंसियों को शक है कि उसे किसी न किसी स्तर पर मदद मिल रही थी। इसी वजह से पुलिस अब उन लोगों की पहचान कर रही है, जो 12 और 13 मई को उसके संपर्क में थे। अब पुलिस जांच में जुटी है कि फरारी के दौरान उसे किसने ठिकाना और मदद उपलब्ध कराई।
Published on:
26 May 2026 04:46 pm
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