
MP election 2018: भाजपा में बगावत की आग- भोपाल तक पहुंची! बाबूलाल गौर के समर्थक भी उतरे सड़कों पर...
भोपाल@आलोक पांड्या की रिपोर्ट...
मध्यप्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनावों से ठीक पहले भाजपा में बगावत शुरू हो गई है। पहली लिस्ट में नाम न आने से जहां कई भाजपा के नेता अब पार्टी से बगावत कर निर्दलीय उतरने की बात कर रहे हैं।
वहीं जिन सीटों पर अब तक नामों की घोषणा नहीं हुई है, वहां भी पूराने नेता टिकट नहीं मिलने पर भाजपा छोड़ने की बात करने लगे हैं।
भाजपा में ये बगावत के सुर केवल विदिशा या सीहोर तक ही सीमित न रह कर राजधानी भोपाल व जबलपुर तक में सुनाई देने शुरु हो गए हैं। इसके अलावा सरदारपुर के भाजपा विधायक वेल सिंह भूरिया ने तो टिकट कटने के बाद सीएम शिवराज को चेतावनी तक दे डाली है।
भोपाल में बगावत के सुर!
इसी के चलते गोंविदपुरा विधानसभा में भी विरोध के सुर सुनाई देने लगे हैं। भोपाल की गोविंदपुरा विधानसभा सीट से बीजेपी का टिकट होल्ड करने पर कार्यकर्ताओं ने शनिवार को जमकर हंगामा किया। इस दौरान बाबूलाल गौर समर्थकों ने बरखेड़ा में धरने पर बैठकर नारेबाजी की।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि गौर को टिकट नहीं दिया तो कार्यकर्ता सामूहिक इस्तीफे देंगे। समर्थकों की मांग है कि बाबूलाल गौर या कृष्णा गौर को टिकट दिया जाए।
यह क्षेत्र से पूर्व सीएम बाबूलाल गौर का है, जिनके समर्थक गौर को टिकट दिए जाने की मांग कर रहे हैं। वहीं बाबूलाल गौर के समर्थकों ने टिकट दिए जाने की मांग को लेकर क्षेत्र में नारेबाजी करते हुए हस्ताक्षर अभियान चलाना शुरू कर दिया है।
भूरिया की चेतावनी...
सरदारपुर के भाजपा विधायक वेल सिंह भूरिया ने टिकट कटने के बाद पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि आज में सीएम हाउस शिवराज सिंह से मिलने आया हूं।
यदि टिकिट नहीं बदला तो शिवराज मुझसे मिलने आएंगे। मैं निर्दलीय चुनाव लड़ूंगा भी और जीतूंगा भी। वहीं उन्होंने यह भी कहा है कि पार्टी टिकिट बदलकर किसी भी स्थानीय कार्यकर्ता को दे दे, इसके लिए मैं तैयार हूं।
वहीं आज यानि शनिवार को सुबह से ही सीएम हाउस में असंतुष्टों का आना शुरु हो गया है। जिसके चलते यहां एक के बाद एक लगातार कई नाराज भाजपा नेता पहुंच रहे हैं।
सीएम के गृह जिले से शुरू हुई बगावत...
इससे पहले भाजपा में बगावत की शुरूआत ही सीएम शिवराज सिंह चौहान के गृहजिले से हुई है। जहां भाजपा नेता पूर्व विधायक रमेश सक्सेना टिकट न मिलने से नाराज हो गए।
सामने आ रही जानकारी के अनुसार ऐसे में अब पूर्व विधायक रमेश सक्सेना या उनकी पत्नी निर्दलीय चुनाव लड़ सकती हैं। वहीं इसके सिवाय मध्यप्रदेश के विदिशा में भी सूर्य प्रकाश मीणा के समर्थन में भाजपा कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया गया।
कार्यकर्ताओं में नाराजगी:
सीहोर में भाजपा के चार बार विधायक रहे रमेश सक्सेना और वरिष्ठ नेता गौरव सन्नी महाजन ने चुनौती दी है, वहीं इछावर में टिकट की दावेदारी कर रहे अजय पटेल ने पार्टी के खिलाफ मोर्चा खोला है।
भाजपा के उम्मीदवारों की सूची आते ही सीहोर में गौरव सन्नी महाजन ने निर्दलीय चुनाव लडऩे की घोषणा की और पूर्व विधायक रमेश सक्सेना ने दो मिनट 10 सेकंड का वीडियो वायरल कर निर्दलीय चुनाव लडऩे की बात कही है।
वहीं इछावर में करन सिंह वर्मा के खिलाफ अजय पटेल ने निर्दलीय चुनाव लडऩे की घोषणा करते हुए कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की।
निर्दलीय लडूंगा चुनाव...
इछावर विधानसभा सीट से करन सिंह वर्मा का टिकट फाइनल होने को लेकर इछावर में अजय पटेल ने पार्टी से बगावत कर दी है। यहां अजय पटेल ने कहा कि 9 नवंबर को वह निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में नामांकन फार्म जाम करेंगे।
इधर,मीणा समर्थकों का हंगामा...
वहीं विदिशा में भाजपा में मंत्री सूर्यप्रकाश मीणा द्वारा अपनी उम्मीदवारी वापस लेते ही जमकर कलह शुरू हो गया है।
शुक्रवार की सुबह से ही जहां मीणा समाज के सैंकड़ों लोग विरोध जताने एकत्र होने लगे वहीं शमशाबाद, नटेरन और खामखेड़ा भाजपा मंडलों के कई पदाधिकारियों ने भाजपा जिला कार्यालय पहुंचकर अपने इस्तीफे की पेशकश कर डाली।
सुबह करीब 9 बजे से ही मीणा धर्मशाला में मीणा समाज के सैंकड़ों लोग एकत्रित होने लगे थे, यहां समाज की बैठक हुई और फिर सभी अपने-अपने वाहनों से नारेबाजी करते हुए भाजपा जिला कार्यालय पहुंचे।
यहां काफी देर तक हंगामा और नारेबाजी हुई। सूर्यप्रकाश नहीं तो वोट नहीं...शमशाबाद में दलबदलू नहीं चलेगा...सूरज के बिना भाजपा नहीं...जैसे नारे खूब लगाए गए।
इसके पहले शमशाबाद, नटेरन और खामखेड़ा मंडल के अनेक पदाधिकारी और कार्यकर्ता भाजपा कार्यालय पहुंचे और जिलाध्यक्ष को पत्र सौंपकर कहा कि यदि शमशाबाद से सूर्यप्रकाश मीणा का टिकट नहीं हुआ तो सारे पदाधिकारी अपने पदों से इस्तीफे दे देंगे।
टेंशन में भाजपा Bjp in tension...
वहीं सामने आ रही जानकारी के अनुसार बागियों के तेवरों को देखकर भाजपा में अंदर तक हडकंप की स्थिति बन गई है। इसे लेकर लगातार मुलाकतों का दौर जारी है। वहीं गोंविद पुरा सीट को लेकर आलोक शर्मा व सुहास भगत में भी आज चर्चा हुई। सूत्रों के अनुसार अचानक बागी तेवरों में सामने आए पार्टी नेताओं को देख भाजपा के कद्दावर नेता तक टेंशन में आ गए हैं। वहीं अब इनसे निपटने के उपायों के बारे में भी विचार किया जा रहा है।
Updated on:
03 Nov 2018 01:22 pm
Published on:
03 Nov 2018 12:44 pm
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