भोपाल। उत्तराखंड के केदारनाथ में 3 साल पहले आई बाढ़ और भूस्खलन के दौरान लापता हुए भोपाल के सतीश वर्मा और सत्यम श्रीवास्तव की मौत की अब मजिस्ट्रियल जांच होगी। जांच इस बिंदु पर केंद्रित होगी कि क्या उनकी मौत हुए है? अगर नहीं हुई है तो पिछले तीन सालों से वे कहां गायब हैं? वर्मा के परिजनों की आपत्ति के बाद कलेक्टर ने इसके लिए मजिस्ट्रियल जांच के आदेश जारी किए हैं। जांच अधिकारी एडीएम दिशा नागवंशी हैं।
-पराग श्रीवास्तव के मुताबिक 16 मई 2013 को रुद्रप्रयाग में सतीश और सत्यम बाढ़ में बहे थे।
-अगर ऐसा है तो 18 मई को सतीश के मोबाइल नंबर की कॉल शिवकुमार वर्मा के फोन पर कैसे और किसने डायवर्ट की, ये जांच का विषय है?
-यही नहीं सतीश का मोबाइल नंबर 3 तीन दिन तक इस्तेमाल किसने किया।
-उत्तराखंड में ही 5 से 19 जुलाई 2013 के बीच सतीश वर्मा के एटीएम कार्ड से 5 बार में 45 हजार रुपए निकाले गए। ये रुपये किसने निकाले? -जब सतीश वर्मा पानी में बह गए तो दो महीने बाद उनका एटीएम कार्ड किसी दूसरे व्यक्ति के पास कैसे पहुंचा और उसका पासवर्ड किसे पता था?
-सतीश वर्मा की मां शकुंतला वर्मा (91) के मुताबिक वे 3 मई को पराग श्रीवास्तव के साथ ग्वालियर जाने की बात कह कर गए थे। फिर बीच से उत्तराखंड कैसे पहुंच गए।