
भोपाल। सूर्य की आराधना का पर्व मकर संक्रांति मंगलवार को पूरे उल्लास के मनाया जाएगा। मंदिरों में पूजा पाठ के साथ लोग घरों में भी सूर्य देव का आराधना करेंगे। इसके साथ ही आज के दिन दान दक्षिणा कर लोग पुण्य प्राप्त करेंगे। दीघार्यु, आरोग्य, धन, धान्य, प्रतिष्ठा के कारक सूर्य देव के उत्तरायण होते ही मांगलिक कार्यों की शुरुआत हो जाएगी।
ये बन रहा है योग...
संक्रांति पर इस बार सर्वार्थ सिद्धि योग और रवि योग बन रहा है, जो सूर्य देव को प्रसन्न करने के लिए बेहद खास माना गया है। संक्रांति का वाहन सिंह एवं उपवाहन गज (हाथी) होगा। संक्रांति श्वेत वस्त्र धारण किए स्वर्ण-पात्र में अन्न ग्रहण करते हुए कुंकुम का लेप किए हुए उत्तर दिशा की ओर जाती हुई आ रही है।
भोजपुर में होगी भीड़...
शहर के मंदिरों के साथ भोजपुर के शिव मंदिर में भी भक्तों की भारी भीड़ होगी। लोग सुबह से ही मंदिर पहुंच कर भगवान शिव के साथ सूर्य की आराधना करेंगे। दिनभर खुला रहेगा बिड़ला मंदिर लक्ष्मीनारायण बिड़ला मंदिर मकर संक्रांति पर्व के चलते पूरे दिन खुला रहेगा।मंदिर के प्रबंधक केके पांडेय ने बताया कि 14 जनवरी को मध्यरात्रि में संक्रांति का आगमन होगा इसलिए 15 जनवरी को ही यह पर्व मनाएंगे। एेसे में मंगलवार को दिनभर मंदिर के पट खुले रहेंगे।
निर्धन वर्ग के लिए समृद्धिदायक...
शहर के वरिष्ठ ज्योतिषाचार्य पं. जगदीश शास्त्री के अनुसार इस बार की मकर संक्रांति पर्व गरीब वर्ग के लिए समृद्धिकारक रहेगी, खासकर निर्धन वर्ग के लिए नई सरकार कई योजनाएं बनाएगी। इसी तरह अनाज और वस्त्रों के दामों में वृद्धि रहेगी।
क्यों मनाते है मकर संक्रांति...
सूर्य के एक राशि से दूसरी राशि में जाने को ही संक्रांति कहते हैं। एक संक्रांति से दूसरी संक्रांति के बीच का समय ही सौर मास होता है। वैसे तो सूर्य संक्रांति 12 हैं, लेकिन इनमें से चार संक्रांति महत्वपूर्ण हैं जिनमें मेष, कर्क, तुला, मकर संक्रांति हैं। मकर संक्रांति के शुभ मुहूर्त में स्नान, दान और पुण्य के शुभ समय का विशेष महत्व है।
अच्छे दिन की होती है शुरुआत ...
मकर संक्रांति के पावन पर्व पर गुड़ और तिल लगाकर गंगा में स्नान करना लाभदायी होता है। इसके बाद दान संक्रांति में गुड़, तेल, कंबल, फल, छाता आदि दान करने से लाभ मिलता है और पुण्यफल की प्राप्ति होती है। 14 जनवरी ऐसा दिन है, जब धरती पर अच्छे दिन की शुरुआत होती है। ऐसा इसलिए कि सूर्य दक्षिण के बजाय अब उत्तर को गमन करने लग जाता है। जब तक सूर्य पूर्व से दक्षिण की ओर गमन करता है तब तक उसकी किरणों का असर खराब माना गया है। लेकिन जब वह पूर्व से उत्तर की ओर गमन करते लगता है तब उसकी किरणें सेहत और शांति को बढ़ाती हैं।
Published on:
15 Jan 2019 07:57 am
बड़ी खबरें
View Allभोपाल
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
