
Makhanlal Chaturvedi National Journalism University
भोपाल. माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विवि के परीक्षा परिणाम को लेकर छात्रों में बेहद गुस्सा है। जो छात्र पिछले दो सेमेस्टर से टॉप कर रहे थे वे इस बार फेल हो गए। मूल्यांकन में लापरवाही का आरोप लगाते हुए सोमवार को बड़ी संख्या में छात्रों ने विवि परिसर में कुलपति कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन कर नारेबाजी की।
दोपहर 12 बजे शुरू हुए प्रदर्शन में छात्रों की बढ़ती संख्या देख प्रबंधन ने परिसर में पुलिस बुला ली। पुलिस को देख कर विद्यार्थी भड़क गए। उन्होंने मुख्य द्वार पर ताला डाल दिया। 5 घंटे तक चले प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने कुलपति और कुलसचिव को मौके पर आकर समस्याएं सुनने की मांग रखी। हालांकि छात्रों के आक्रोश को देखते हुए प्रभारी कुलपति पी नरहरि ने 2 दिन में शिकायती छात्रों की कॉपियों का पुर्नमूल्यांकन करा निराकरण करने के निर्देश तत्काल जारी कर दिए। छात्रों की मांगें माने जाने के बाद विद्यार्थियों ने लगभग 5.30 बजे प्रदर्शन समाप्त कर दिया। मांग के अनुसार फेल स्टूडेंट के सामने उनकी कॉपी री-चेक की जाएगी। इस दौरान उसके साथी स्टूडेंट भी साथ होंगे।
साफ है कि कंपनी लापरवाही बरत रही है
छात्र सुहद तिवारी के अनुसार परीक्षा विभाग में उसने खुद एग्जाम कॉपी देखी थी। जिस कॉपी में छात्र को 36 नंबर मिले हैं उसी छात्र के रिजल्ट में 2 नंबर दिख रहे हैं। वहीं एक अन्य छात्र जिसको 30 नंबर मिले हैं उसके रिजल्ट में 14 नंबर दिख रहे है। इससे साफ है कि कंप्यूटर पर अपलोड करने वाली कंपनी ने लापरवाही बरती है।
दो तरह से गड़बडिय़ों का अंदेशा
विद्यार्थियों की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में गड़बड़ी के दो मुख्य कारण बताए जा रहे हैं। पहली गड़बड़ी यह कि मूल्यांकन में ही गलती हुई हो। दूसरी गड़बड़ी उत्तर पुस्तिकाओं के ओएमआर शीट की स्कैनिंग के दौरान अंक गलत चढ़ गए हों। क्योंकि इसके पहले भी ओएमआर शीट स्कैनिंग में गड़बड़ी सामने आई हैं।
छात्रों की शिकायतों को देखते हुए कुलपति के निर्देश पर आदेश जारी कर दिए गए हैं। परीक्षा परिणाम को लेकर विद्यार्थियों की जो भी शिकायतें हैं उनकी दो दिन के अंदर समीक्षा की जाएगी।
दीपेंद्र सिंह बघेल,
प्रभारी रजिस्ट्रार, माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विवि
उत्तर पुस्तिका में बरती गई लापरवाही काफ ी गंभीर है। इसी को लेकर स्टूडेंट्स प्रदर्शन कर रहे हैं। इस बार उत्तर पुस्तिका को जांचने में हुई लापरवाही का एक कारण यह भी है कि प्रोफेसर उत्तर पुस्तिकाएं अपने घर ले जाते हैं।
विवेक त्रिपाठी,
राष्ट्रीय प्रवक्ता एनएसयूआई
जो स्टूडेंट्स लगातार दो सेमेस्टर से टॉप कर रहे हो सिर्फ वही स्टूडेंट्स कैसे फेल हो सक ते हैं। यह अपने आप में जांच का विषय है। इस तरह का मूल्यांकन उत्तर पुस्तिकाएं जांचने वाली की योग्यता पर ही सवाल खड़ा करता है।
सुहद तिवारी, छात्र
कॉपी जांचने और रिजल्ट को कंप्यूटर में अपलोड करने में लापरवाही कोई पहली बार नहीं हुई है। हर साल ऐसे कई विद्यार्थियों का रिजल्ट बिगाड़ता आया है। कोई सख्त नियम बनना चाहिए।
विकास पाल, छात्र
Published on:
12 Feb 2019 03:03 am
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