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पूर्व सांसद प्रज्ञा ठाकुर बरी, मालेगांव ब्लास्ट केस पर बड़ा फैसला

Malegaon Blast Case Verdict: चश्मदीद गवाह ने बदले बयान, कोई भी बयान पर नहीं रहा कायम, सबूतों के अभाव में सभी बरी।

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Malegaon Blast Case Verdict after 17 years

Malegaon Blast Case Verdict after 17 years सभी आरोपी बरी. (फोटो सोर्स: सोशल मीडिया)

Malegaon Blast Case Verdict: मालेगांव बम धमाकों में आज गुरुवार 31 जुलाई को पूर्व सांसद साध्वी प्रज्ञा ठाकुर और अन्य साथियों को उपस्थित थे ,सभी लोगों को बरी कर दिया गया है । बताया जा रहा है कि कोई भी चश्मदीद गवाह अपने बयानों पर कायम नही रहे। इसलिये सभी को बरी कर दिया गया।

17 साल बाद खत्म हुआ इंतजार

2008 के बहुचर्चित मालेगांव ब्लास्ट केस में आज विशेष NIA अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया। अदालत ने इस मामले में शामिल सभी सात आरोपियों को बरी कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि अभियोजन पक्ष आरोप साबित करने में विफल रहा, इसलिए सभी को संदेह का लाभ देते हुए बरी किया जाता है।

बीजेपी विधायक ने कांग्रेस पर बोला हमला

NIA कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला आने के बाद बीजेपी में खुशी की लहर है। हुजूर विधानसभा सीट से विधायक रामेश्वर शर्मा ने कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाते हुए मालेव ब्लास्ट केस को पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और कांग्रेस की सुनियोजित साजिश करार दिया।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस्लामिक आतंकवादियों को बचाने और हिंदु आतंकवादी बनाने का काम करती है। कांग्रेस का महापाप सबके सामने आ गया है। यही नहीं रामेश्वर शर्मा ने जनता को कांग्रेस से सावधान रहने की भी हिदायत दी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस से सावधान रहें.. न्यायालय का फैसला स्वागत योग्य है।

ये थे आरोपी

  • साध्वी प्रज्ञा ठाकुर (पूर्व सांसद, भोपाल)
  • लेफ्टिनेंट कर्नल श्रीकांत पुरोहित
  • मेजर रमेश उपाध्याय
  • अजय रहीरकर
  • स्वामी अमृतानंद,
  • समीर कुलकर्णी
  • सुधाकर चतुर्वेदी

प्रज्ञा ठाकुर के लिए बड़ी राहत

फैसले के बाद साध्वी प्रज्ञा ठाकुर ने कहा कि 'सत्य की हमेशा जीत होती है। मुझे न्यायपालिका पर पूरा भरोसा था।' यह फैसला उनके लिए एक बड़ी कानूनी और राजनीतिक राहत है। 17 साल तक इस केस ने उनके जीवन, छवि और करियर को प्रभावित किया था।

राजनीति और समाज में गूंज

इस फैसले के बाद जहां एक ओर बीजेपी समर्थकों में खुशी की लहर है, वहीं विपक्ष ने इस पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं।