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‘5 एकड़’ में तैयार होगा ‘मानसरोवर धाम’, 60% काम पूरा, खुलेंगे रोजगार के अवसर

Mansarovar Dham Bhopal: भोपाल शहर में एक या दो मंदिर नहीं, बल्कि कई धार्मिक परियोजनाओं पर काम चल रहा है, जो अगले कुछ वर्षों में पूर्ण होकर शहर की सुंदरता और गरिमा को बढ़ाएंगे।

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Mansarovar Dham

Mansarovar Dham (Photo Source - Patrika)

Bhopal Development: मध्यप्रदेश के भोपाल शहर में बदलते वक्त के साथ-साथ हर क्षेत्र विकसित हो रहा है। आने वाले पांच से सात सालों में हमारे शहर के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय जुड़ने जा रहा है। शहर अब केवल अपनी आधुनिक सुख-सुविधाओं या व्यावसायिक गतिविधियों के लिए ही नहीं, बल्कि धार्मिक पर्यटन के एक प्रमुख केंद्र के रूप में विश्व पटल पर अपनी पहचान स्थापित करने की ओर अग्रसर है।

वर्तमान में शहर के विभिन्न कोनों में केवल एक या दो मंदिर नहीं, बल्कि कई धार्मिक परियोजनाओं पर काम चल रहा है, जो अगले कुछ वर्षों में पूर्ण होकर शहर की सुंदरता और गरिमा को बढ़ाएंगे। धार्मिक पर्यटन के इस बढ़ते कदम से न केवल शहर की आर्थिक तस्वीर बदलेगी, बल्कि स्थानीय व्यापार, परिवहन और होटल उद्योग को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी।

60 फीसदी काम पूरा

अध्यात्म और आधुनिक स्थापत्य के मेल से इंदौर रोड स्थित फंदा क्षेत्र में पांच एकड़ में मानसरोवर धाम में अलग-अलग लोकों की परिकल्पना की गई थी। इसमें चार लोक बनना है, जिसमें शिव लोक बनकर तैयार हो गया है और यहां बड़ी संख्या में पर्यटक भी पहुंचने लगे हैं। वर्तमान में यहां विष्णु लोक का निर्माण कार्य चल रहा है, जिसका 60 फीसदी काम पूरा हो चुका है। धाम के संजय कश्यप के अनुसार, आने वाले दो सालों में विष्णु लोक भी तैयार हो जाएगा।

इसी प्रकार गोशाला का निर्माण हो चुका है। आगे ब्रह्म लोक और इंद्र लोक का निर्माण भी प्रस्तावित है। विष्णु लोक के बाद इसका निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। शहर की सीमा से सटे होने के कारण यहां भविष्य में केवल स्थानीय लोग, बल्कि बाहरी पर्यटकों की संख्या में भी भारी वृद्धि होने की उम्मीद है।

नवग्रह शनि मंदिर का जीर्णोद्धार

शहर के नेहरू नगर स्थित शनि मंदिर का जीर्णोद्धार भी किया जा रहा है। इसका निर्माण कार्य शुरू हो गया है। अभी नींव का काम चल रहा है। इस मंदिर का जीर्णोद्धार इसी साल पूरा किया जाएगा। 50 लाख रुपए से अधिक की राशि से इसका पुनर्निर्माण किया जाएगा। मंदिर के संस्थापक गजेंद्र शास्त्री ने बताया कि 10 हजार वर्गफीट में इसका जीर्णोद्धार किया जाएगा। इस मंदिर परिसर में शहर के सबसे ऊंचे 51 फीट के शनिदेव विराजमान हैं।

धार्मिक पर्यटन बनेगा रोजगार का आधार

वर्तमान समय में समाज के भीतर आध्यात्मिक चेतना का एक नया प्रवाह देखा जा रहा है। लोग मानसिक शांति और आत्मिक संतोष के लिए आध्यात्मिकता की ओर अग्रसर हो रहे हैं। इसी का सुखद परिणाम है कि शहर में पिछले कुछ वर्षों में कई धार्मिक स्थलों का निर्माण हुआ है और भविष्य के लिए भी कई परियोजनाएं प्रस्तावित हैं। जब भी किसी मंदिर या धार्मिक परिसर का निर्माण होता है, तो वह केवल एक संरचना नहीं, बल्कि एक 'आर्थिक पारिस्थितिकी तंत्र का केंद्र बनता है। सीधा लाभस्थानीय निवासियों को मिलता है। - रघुनंदन शर्मा (कार्यकारी अध्यक्ष एवं पूर्व सांसद, मानस भवन)