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भोपाल। देशभर में नक्सल और आतंकी मोर्चे पर जांबाजी के साथ शहीद होने वाले सीआरपीएफ के जवानों की वीरगाथा अब कॉमिक्स बुक में नजर आएगी। इसमें जवानों के जीवन की कहानी रोचक अंदाज में बयां की गई हैं। जवानों के अदम्य साहस की कहानी आम लोगों तक पहुंचाने की यह एक नई पहल की गई है। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) अपने जवानों की वीर गाथाओं को कॉमिक्स के जरिए मार्केट में ला चुका है। अब इन चित्रकथाओं को मध्यप्रदेश के सरकारी स्कूलों में भी बच्चों को पढ़ाने पर विचार किया जा रहा है।
केंद्रीय गृह मंत्रालय ड्यूटी पर रहते हुए अपनी जान गंवाने वाले वीर जवानों की वीडियो सीरीज भी तैयार कर रहा है। इसे भारत के वीर पहल के तौर पर ट्विटर और फेसबुक जैसी सोशल मीडिया साइट पर अपलोड किया जाएगा। कॉमिक्स में ऑपरेशन्स से जुड़ी सारी बाते बताई गई हैं। प्रदेश के 20-25 जवानों की पारिवारिक जीवन से लेकर मोर्चे पर मुस्तैदी की कहानी कॉमिक्स के रूप में है। इन कॉमिक्स को सीआरपीएफ की सभी बटालियन में रखा जाएगा। इन कॉमिक्स से नक्सल और आंतकी मोर्चे पर तैनात नए रंगरूटों को काफी कुछ सीखने को मिलेगा और उनका मनोबल भी बढ़ेगा। सीआरपीएफ के आला अफसर बताते हैं कि ताड़मेटला में 75 जवान नक्सलियों के एंबुश में फंसकर शहीद हुए थे। इनकी कहानियां भी इसमें शामिल हैं।
सरदार पोस्ट एक शौर्य गाथा
3 मार्च 1965 में पाक के साथ हुई लड़ाई में अपनी जान पर खेलकर सीआरपीएफ के जवानों ने जम्मू-कश्मीर में सरदार पोस्ट को बचाया था। 50 साल बाद सीआरपीएफ के जवानों की वीर गाथा को घर-घर पहुंचाने के लिए एक कॉमिक बुक रिलीज की गई। इसका नाम रखा गया है 'सरदार पोस्ट एक शौर्य गाथा'। सीआरपीएफ ने अपने वीर जवानों की कई किताबें कॉमिक्स के रूप में लांच की हैं। इनमें वीर भृगुनंदन, जांबाज इलंगो, अयोध्या के सूरवीर, शूरवीर प्रकाश, दिलेर दिव्यांशु, हॉट स्प्रिंग मुख्य हैं।
स्कूलों में भी पढ़ा रहे जवानों के साहस की कहानी
छत्तीसगढ़ में इन वीर जवानों के साहस की कहानी को उनके स्कूलों में पढ़ाया जा रहा है। कॉमिक्स को हर स्क्ूलों में बांट दिया गया है। स्थानीय स्कूलों में जब छात्र जवान के शौर्य की कहानी पढ़ते हैं तो उनके मन में देश के प्रति जज्बा जागता है। इससे नक्सलियों को स्थानीय मदद रोकने में सफलता मिल रही है। अब इन कॉमिक्स के जरिए शहीद वीर जवानों की शोर्य गाथाओं को मप्र में भी सरकारी स्कूलों में पढ़ाने की कवायद पर सरकार से चर्चा चल रही है।
छत्तीसगढ़ के बाद मप्र में सभी सीआरपीएफ की बटालियन पर शहीद वीर जवानों की कॉमिक्स पहुंच गई हैं। इन्हें शहीद के परिजनों के साथ उनके गांव तक पहुंचा दिया गया है। अब इन कॉमिक्स को छत्तीसगढ़ की तरह मप्र के सरकारी स्कूलों में पढ़ाने पर विचार चल रहा है।-पंकज कुमार, आईजी सीआरपीएफ मप्र सेक्टर
Published on:
23 Dec 2017 11:59 am
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