भोपाल। मप्र राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग ने राजस्व महकमे से जानकारी मांगी है कि नानी की दी हुई जमीन पर नवासे का हक है या नहीं। दरअसल मामला आदिवासी राजगौड़ परिवार का है। नानी ने अपने नवासे को 13 एकड़ जमीन विरासत में दी थी। दस्तावेजों में हेरफेर कर एक शिक्षक द्वारा जमीन बेचे जाने के बाद यह मामला आयोग में पहुंचा है। इस पर आयोग ने कलेक्टर से जमीन के मालिकाना हक की जानकारी और रिकॉर्ड तलब किया है। मामला रायसेन जिले के उदयपुरा के गोरखपुर राजवंश परिवार से ताल्लुक रखने वाले भानू प्रताप से जुड़ा है। फरियादी ने दायर प्रकरण में बताया कि उनकी दादी गुलाब बाई ने दूसरी जाति (आदिवासी नहीं) के संग्राम सिंह से प्रेम विवाह किया था। बाद में उनके पिता अमित सिंह की नानी नन्नाबाई ने वसीयतनामे के जरिए उन्हें 13 एकड़ जमीन दी थी। हालांकि, इसका कहीं उल्लेख नहीं है कि संग्राम सिंह किस जाति के थे। गुलाब बाई और संग्राम सिंह दोनों की मौत दस साल पहले हो चुकी है। वर्ष 2010 में जमीन छिनने के बाद से दुखी भानू की मां सविता ने आत्महत्या कर ली थी। उनके पिता अमित सिंह की भी दो साल पहले बीमारी के चलते मौत हो चुकी है।