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5 दिन बाद फिर उसी मेडिकल कॉलेज में सुसाइड की कोशिश, एमबीबीएस कर रहा था स्टूडेंट

गांधी मेडिकल कॉलेज भोपाल में 5 दिन पहले ही एक जूनियर डॉक्टर ने सुसाइड किया था, अब फिर उसी कॉलेज में एमबीबीएस के एक स्टूडेंट ने सुसाइड करने के लिए दवा का ओवरडोज लिया।

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राजधानी भोपाल में स्थित जिस मेडिकल कॉलेज में जूनियर डॉक्टर ने सुसाइड किया है, उसी मेडिकल कॉलेज में गुरुवार को फिर एक स्टूडेंट ने सुसाइड की कोशिश की है, एमबीबीएस के स्टूडेंट ने सुसाइड करने के लिए दवा का ओवरडोज ले लिया, जिसकी स्थिति गंभीर बताई जा रही है, फिलहाल स्टूडेंट का ट्रामा सेंटर में इलाज चल रहा है। स्टूडेंट ने एमबीबीएस कर लिया था, यहां पिछले 2 साल से सायकेट्री का ट्रीटमेंट चल रहा था। जीएमसी कैंपस के बाहर संबंधित डॉक्टर रहते थे। कार्तिक की छोटी बहन भी जीएमसी में एमबीबीएस स्टूडेंट है।

जानकारी के अनुसार गांधी मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे कार्तिक नामक एक स्टूडेंट ने गुुरुवार को आत्महत्या करने की कोशिश की, बताया जा रहा है कि वह डिप्रेशन का शिकार हो गया था, इस कारण उसने नींद की दवा का ओवरडोज ले लिया था, लेकिन समय रहते इस बात की जानकारी लग गई, इस कारण उसे बचा लिया गया है, बताया जा रहा है कि स्टूडेंट को पहले हमीदिया अस्पताल में भर्ती किया गया था, जहां से उसे ट्रामा सेंटर में शिफ्ट कर दिया गया है, यह भी बताया जा रहा है कि स्टूडेंट का साइकेट्रिक का ट्रीटमेंट चल रहा है और वह लंबे समय से डिप्रेशन का शिकार है।

इसी मेडिकल कॉलेज में गायनी में पीजी कर रही एक जूनियर डॉक्टर ने रविवार को सुसाइड कर लिया था, जिसका बाद में सुसाइड नोट भी सामने आया, जिसमें महिला जूनियर डॉक्टर बाला सरस्वती ने लिखा था कि उससे कई दिनों तक ड्यूटी कराई जाती है, छुट्टी भी नहीं दी जाती है, इतना काम करने के बाद भी उसे कामचोर कहा जाता है। सुसाइड से पहले महिला जूनियर डॉक्टर ने जीएमसी के तीन डॉक्टरों पर प्रताडि़त करने का आरोप लगाया था। इस मामले में महिला के पति ने भी डॉक्टरों द्वारा प्रताडि़त करने के कारण ही मौत बताई थी।

30 जुलाई रविवार को महिला जूनियर डॉक्टर बाला सरस्वती के सुसाइड मामले में आक्रोशित जूनियर डॉक्टर्स ने काम बंद कर हड़ताल शुरू कर दी, बुधवार को मेडिकल टीचर्स एसोसिएशन ने भी जूडा को समर्थन दे दिया था, जूडा द्वारा विरोध कर एचओडी को हटाने की मांग पर स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ अरूणा कुमार को पद से हटाकर गायनिक विभाग की डॉ भारती सिंह परिहार को प्रभारी एचओडी बनाया गया, लेकिन जूडा पदाधिकारियों का कहना है कि डॉ भारती स्टूडेंट्स को काम पर लौटने का दबाव बना रही है, जिसके का फोटो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। बुधवार को बाला सरस्वती का अंतिम संस्कार भी उनके गृह नगर में किया गया।

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