
doctor shopping
भोपाल। कहते हैं कि बीमारी शरीर में भली, दिमाग में आई तो जान पर बनी...कुछ ऐसा ही हो रहा है आज के दौर में। आज लोग इंटरनेट की गिरफ्त में हैं। छोटी-छोटी चीजों को गूगल पर सर्च करने के चक्कर में बीमारियों को भी सर्च करने लगते हैं। नतीजा- सिरदर्द और मुंह के छाले जैसी बीमारी ब्रेन ट्यूमर और कैंसर के रूप में दिलो-दिमाग में बैठ जाती है। ऐसे में पीड़ित खुद को मौत के मुहाने पर समझकर डॉक्टरों की खोज करना शुरू कर देता है। इस डिसऑर्डर को मनोविज्ञान की भाषा में ‘डॉक्टर शॉपिंग’ कहते हैं।
प्रदेश के दो मनोचिकित्सकों ने बताया कि दिमाग में कैमिकल इन बैलेंस होने की वजह से सामान्य शारीरिक समस्याएं भी बड़ी-बड़ी बीमारी लगने लगती हैं। जैसे-जैसे इंटरनेट का क्रेज बढ़ा है, वैसे-वैसे ‘डॉक्टर शॉपिंग’ का चलन तेजी से आया है। कोरोना काल के बाद से यह और रफ्तार से फैला है।
केस-1
दिल की बढ़ी धड़कन को समझा हार्टअटैक
29 वर्षीय महिला को दिल की धड़कन बढ़ी हुई महसूस हुई। इंटरनेट पर सर्च किया तो हार्ट अटैक लिखकर आया। ईसीजी कराई, जो सामान्य थी। भरोसा नहीं हुआ। कॉर्डियोलॉजिस्ट के पास गईं। ईसीजी, टीएमटी, ईको कराई। सब रिपोर्ट सामान्य आईं, लेकिन फिर भी तीसरे डॉक्टर के पास गईं। एंजाइटी का पता चला। फिर मनोचिकित्सक ने बताया कि दादा की मृत्यु हार्टअटैक से हुई थी, वही बात घर कर गई है।
केस-2
ऐसा भ्रम हुआ कि 16 बार जांच करवा डाली
35 वर्षीय युवक को बार-बार मोशन के लिए जाना पड़ रहा था। परेशान होकर इंटरनेट पर सर्च किया। जो जानकारी आई, उससे युवक को कोलन कैंसर का भ्रम होने लगा। इसके बाद वह गैस्ट्रो फिजिशियन के पास पहुंचा। 10 बार सोनोग्राफी कराई। पांच बार एंडोस्कोपी और एक बार सीटी स्कैन कराई। रिपोर्ट नॉर्मल आने पर भी भरोसा नहीं होता था और बार-बार जांच करवाते थे। मनोचिकित्सक ने बताया कि ऐसा तनाव की वजह से हो रहा है।
क्या है डॉक्टर शॉपिंग
छोटी-छोटी बीमारियों को लक्षण के आधार पर इंटरनेट पर सर्च करने की लत।
नुकसान: लक्षण के आधार पर वह बड़ी बीमारियों का संकेत देता है, जो दिलो-दिमाग में घर कर जाता है। हर दिन ऐसे केस सामने आ रहे हैं।
ऐसे करें बचाव
-डॉक्टर के पास लक्षण लेकर जाएं न कि बीमारी लेकर। आप खुद ही तय न कर लें कि कोई बीमारी है।- डॉ. धीरेंद्र मिश्रा, मनोचिकित्सक
-गूगल से मिली जानकारी एक्सपर्ट की सलाह नहीं होती है, इसलिए बीमारी का इलाज इंटरनेट पर न खोजें।
-विशेषज्ञ (डॉक्टर) की सलाह को मानें, संदेह जताते हुए कई डॉक्टरों से सलाह लेने से बचें।
Published on:
21 Feb 2023 05:27 pm
बड़ी खबरें
View Allभोपाल
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
