भोपाल. गांधी मेडिकल कॉलेज में मंगलवार को काउंसलिंग हुई, तो अन्य राज्यों के छात्र पल में 'परायेÓ हो गए। बाहरी राज्यों के छात्रों को हाईकोर्ट के आदेशानुसार निजी मेडिकल कॉलेजों में दाखिला नहीं मिला। साल खराब होने के डर से हताश छात्रों का गुस्सा फूटा और जमकर हंगामा भी हुआ। तीन घंटे तक काउंसलिंग बाधित रही। अधिकारियों के समझाने के बाद छात्र माने। लगभग 1100 छात्रों को विभिन्न कॉलेजों में सीट अलॉट हो चुकी थीं। मंगलवार को दस्तावेज जांचने की बारी आई तो बाहरी राज्यों के छात्रों को मना कर दिया गया। गौरतलब है कि जबलपुर हाइकोर्ट ने पिछले दिनों निर्देश दिया था कि निजी मेडिकल कॉलेज में केवल प्रदेश के अभ्यर्थियों को ही प्रवेश मिले। इसके बाद चिकित्सा शिक्षा विभाग ने मंगलवार से नए सिरे से काउंसलिंग शुरू की। काउंसलिंग शुरू होते ही बाहरी राज्यों के छात्रों ने हंगामा शुरू कर दिया। अधिकारी उन्हें समझाते रहे कि ये कोर्ट का आदेश है, इसलिए वे कुछ नहीं कर सकते। चिकित्सा शिक्षा विभाग के संचालक डॉॅ.़ जीएस पटेल ने बताया कि हाईकोर्ट के निर्देश के बाद नए सिरे से लिस्ट तैयार की गई। करीब एक हजार से ज्यादा छात्रों के नाम जोड़े गए।