
अच्छे परिणाम नहीं आने का दंश झेल रहा स्कूल
भोपाल. बच्चों में कुपोषण ( malnutrition ) दूर करने के लिए सरकार अभिनव प्रयास करने जा रही है। अब स्कूली बच्चों को मध्यान्ह भोजन के साथ प्रोटीन-विटामिन ( vitamins ) मिलेगा, इसके लिए स्कूलों में मेडिसिन ( medicine ) पार्क तैयार होगा। पार्क में उगने वाले फल और प्रोटिन युक्त सब्जियों का उपयोग मध्यान्ह भोजन में किया जाएगा।
पार्क बनाने के लिए पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग हर प्राइमरी और मिडिल स्कूल को पांच से सात हजार रुपए अनुदान देगा। पार्क का देख-रेख मध्यान्ह भोजन तैयार करने वाले स्व-सहायता समूह और पालक शिक्षक संघ के माध्यम से किया जाएगा।
मेडिसिन पार्क में सिर्फ उन पौधों को ही लगाया जाएगा, जिनके फलों से विटामिन, प्रोटीन, आयरन, कैल्शियम सहित अन्य तत्व मिलते हंै। शिक्षक पार्क स्कूल के बच्चों के माध्यम से ही तैयार कराएंगे। उसमें पानी और खाद देने का काम भी बच्चे ही करेंगे।
पौधे लगाते समय शिक्षक बच्चों को इस बात की जानकारी देंगे कि इनके फलों को खाने से शरीर में कौन कौन से तत्व मिलते हैं। पार्क में आम, जामुन, आमरूद, अनार, चीकू, बादम, काजू, ऑवला जैसे अन्य के पौधों को विशेष महत्व दिया जाएगा। इसके अलावा पार्क के अंदर लौकी, सेम, सिमला मिर्च पालक चुकंदर, गाजर-मूली, अदरक, हल्दी सहित सौ तरह के पौधे लगाए जाएंगे।
नहीं होगा रासायनिक खाद का उपयोग
पार्क में रसायनिक खाद का उपयोग नहीं होगा, इसमें गोबर, वर्मी कम्पोस्ट और जैविक खाद का ही उपयोग किया जाएगा। पार्क में बाहरी लोगों को प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी और न ही पार्क में तैयार फल और सब्जी का व्यावसायिक उपयोग किया जाएगा। स्कूलों में अगर कहीं फल और सब्जियों का व्यावसायिक उपयोग किया जाता है तो स्कूल के प्रधानाध्यापक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। मिडिसिन पार्क में फल और सब्जी के बीज उपलब्ध करने का काम पंचायत और कृषि विभाग द्वारा किया जाएगा।
सचिव और पालक शिक्षक संघ करेंगे योजना
पंचायत सचिव और पालक शिक्षक संघ स्कूलों में मेडिसिन पार्क बनाने की योजना तैयार करेंगे। प्लान में उन्हें यह बताना पड़ेगा कि स्कूल के पास कितनी जमीन है, खेल का मैदान कितनी जमीन में है और कितनी जमीन पर वे पार्क तैयार करेंगे। पार्क तैयार करने में उन्हें कितनी राशि खर्च करनी पड़ेगी, स्कूल अपनी निधि से कितनी राशि देगा और पंचायत को कितनी राशि देना होगा।
उन्हें यह भी बताना पड़ेगा कि वर्तमान में स्कूल रजिस्र्टड बच्चों की संख्या कितनी है और उन्हें कितने क्षेत्रफल में पार्क बनाने की जरूरत है। पार्क सिर्फ उन्हीं स्कूलों में बनाया जाएगा जहां खेल के मैदान के अलावा अतिरिक्त जमीन बच रही है, खेल के मैदान में पार्क नहीं बनाया जाएगा। गांव में अगर लोग पार्क के लिए अस्थाई रूप से जमीन देने के लिए तैयार होते हैं तो वहां भी पार्क बनाया जा सकता है।
बच्चों में कुपोषण दूर करने के लिए स्कूलों मेडिसिन पार्क बनाने की योजना तैयार की जा रही है। इसके लिए सरकार ने फंड भी उपलब्ध करा दिए हैं। अब स्कूलों से पार्क बनाने के लिए प्रस्ताव बुलाए जाएंगे।
दिलीप कुमार, संचालक आजीविका एवं मध्यान्ह भोजन पंचायत विभाग
Published on:
15 Jul 2019 08:11 am
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