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मंत्री के बेटे की गुंडागर्दी मामले में पुलिस का एक्शन, होगी बाउंड ओवर की कार्रवाई

मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल के बेटे का मामला: एक साल में दोबारा अपराध किया तो जाएंगे जेल, घटना में पीडि़त की प्रारंभिक मेडिकल रिपोर्ट में चोट की प्रकृति अगंभीर...।

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भोपाल

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Manish Geete

Apr 04, 2024

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दोपहिया सवार और होटल संचालक दंपती से मारपीट के आरोपी राज्यमंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल के बेटे अभिज्ञान और उसके पांच दोस्तों पर पुलिस ने बाउंड ओवर की कार्रवाई शुरू कर दी। इसमें उन्हें 20,000 रुपए के बांड पर हस्ताक्षर करने होंगे। पुलिस कमिश्नर प्रणाली के अंतर्गत बाउंड ओवर की कार्रवाई के बाद व्यक्ति 12 महीने में दोबारा आपराधिक गतिविधि करता है तो उसे पुलिस कमिश्नर न्यायालय के माध्यम से सीधा जेल भेजा जा सकता है। पुलिस कमिश्नर हरिनारायणचारी मिश्रा ने पत्रिका को इस कार्रवाई की पुष्टि की। इधर, घटना में गंभीर घायल अम्मा बाबूजी रेस्टोरेंट के संचालक डेविस मार्टिन की प्रारंभिक मेडिकल रिपोर्ट टीटी नगर पुलिस को प्राप्त हुई है। इसमें सिर पर गंभीर हमले से सिर फटने एवं हाथ पैर में चोट आने का जिक्र है। पुलिस ने इसे जानलेवा हमला नहीं माना, पर कोई अंतिम निर्णय भी नहीं लिया। घायल डेविस का एक्सरे कराया जा रहा है, जिसके बाद धारा बढ़ाने या नहीं बढ़ाने पर कोई फैसला लिया जाएगा।

अभिज्ञान और दोस्तों पर धाराएं और सजा

धारा 294 : सार्वजनिक स्थान या उसके पास अश्लील वार्तालाप। तीन महीने कारावास या आर्थिक दंड, या दोनों से दंडित किया जाएगा।

धारा 324 : जानबूझकर खतरनाक हथियारों या साधनों से चोट पहुंचाना। इस अपराध के लिए तीन साल तक की कैद और जुर्माने का प्रावधान।

धारा 506 : जान से मारने की धमकी। 2 से 7 वर्ष जेल या जुर्माना या दोनों।

धारा 34 : आपराधिक कार्य सामान्य इरादे से षड्यंत्रपूर्वक रचा जाता है। प्रत्येक व्यक्ति को उस कार्य के लिए दो साल या उससे अधिक के लिए कठोर कारावास की सजा का प्रावधान है।

पुलिस कमिश्नर प्रणाली के अंतर्गत बाउंड ओवर एक प्रकार का अनुबंध है, जिसमें आरोपी पक्ष शपथपूर्वक आगामी एक वर्ष तक अपराध से दूर रहने की लिखित सहमति देता है। बाउंड ओवर उल्लंघन पर पुलिस कमिश्नर संबंधित धाराओं में दर्ज केस के बराबर सजा सुनाकर आरोपी को सीधे जेल भेजने के निर्देश दे सकते हैं।

पूरे घटनाक्रम की जांच से शाहपुरा थाना प्रभारी रघुनाथ सिंह को अलग कर अब जांच टीटी नगर टीआई अशोक गौतम को दी है। पुलिसकर्मियों के मारपीट की अलग से जांच कराई जा रही है। एडिशनल डीसीपी रश्मि अग्रवाल निलंबित पुलिसकर्मियों की सुनवाई करेंगी।

मंत्री के बेटे ने चार दिन बाद वीडियो जारी कर कहा है कि पुलिसकर्मियों ने बैट और बेल्ट से पीटा है। अभिज्ञान ने थाने में पिटाई के निशान भी दिखाए हैं। अभिज्ञान ने थाने के पट्टे का फोटो भी शेयर किया है, जिस पर एक ओर सुधार सिंह और दूसरी तरफ मेरी आवाज ही पहचान है लिखा है। इस वीडियो पर सवाल उठ रहे हैं। पुलिस का कहना है कि वीडियो में छेड़छाड़ और एडिटिंग भी है। पुलिस दबी जुबान में कह रही है कि पहले दिन ही यह बात यों नहीं बताई।