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BIG BREAKING- मंत्री रामपाल सिंह का पुत्र पहुंचा उदयपुरा, प्रीति को माना अपनी पत्नी! फिर हुआ ये…

उदयपुरा का मामला, मंत्री ने पहले बहू मानने से किया था इनकार!...

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भोपाल@आलोक पांड्या की रिपोर्ट...

मध्यप्रदेश सरकार के मंत्री रामपाल सिंह की बहू ने आत्महत्या कर ली है। इस मामले में मंत्री ने प्रीति को अपनी बहू मानने से इनकार कर दिया था। इसके बाद आज यानि मंगलवार को इस घटनाक्रम में अचानक एक नया मोड उस समय आ गया, जब मंत्री पुत्र गिरजेश चुपचाप उदयपुरा जा पहुंचा व अस्थि संचय में शामिल हुआ।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार गिरजेश अस्थि संचय में शामिल हुए है। पहले प्रीति के घर गया, फिर अस्थि संचय के लिए प्रीति के परिजनों के साथ गया। यहां गिरजेश ने प्रीति को पत्नी माना और कहा कि शेष रीति रिवाज हम करेंगे। गिरिजेश के अस्थि संचय में पहुंचने की पुष्टि प्रीति के भाई सौरभ ने की है।

ऐसे समझें पूरा घटनाक्रम...
कहा जा रहा है कि रामपाल सिंह की बहू प्रीति रघुवंशी अपने पति की दूसरी शादी तय होने से नाराज थी, सूत्रों के हवाले से पता चला है कि इस बारे में रामपाल सिंह के घर में कई बार विवाद भी हो चुका था। पति की दूसरी शादी कराने को लेकर प्रीति ने अपने ससुर रामपाल सिंह पर भी गंभीर आरोप लगाए थे।

वहीं सोमवार को मध्यप्रदेश के लोक निर्माण मंत्री रामपाल सिंह आखिरकार सोमवार को मीडिया के सामने आ ही गए। यहां उन्होंने प्रीति की मौत पर दुख जरूर जताया, लेकिन उसे अपनी बहू मानने से पूरी तरह इनकार कर दिया।
इससे पहले मध्यप्रदेश के लोक निर्माण मंत्री रामपाल सिंह की कथित बहू प्रीति रघुवंशी का रविवार शाम 5 बजे अंतिम संस्कार कर दिया गया। हालांकि, पोस्टमार्टम के बाद प्रीति के परिवार ने शव लेने से इनकार कर दिया था।

वे मंत्री के परिवार और रामपाल सिंह के बेटे(प्रीति रघुवंशी का पति) गिरजेश को मौके पर बुलाने और प्रीति को अपनी बहू के रूप में स्वीकार करने की जिद पर अड़े थे। लेकिन, मंत्री रामपाल और अभा रघुवंशी समाज के वरिष्ठ सदस्य और पूर्व मंत्री के भाई प्रताप सिंह रघुवंशी के बीच फोन पर हुई बातचीत के बाद मामला कुछ शांत हुआ। समाज के लोगों की समझाइश के बाद प्रीति के पिता शव लेने को राजी हुए।

इसके बाद सोमवार को पहली बार मंत्री रामपाल सामने आए। यहां उन्होंने कहा कि यह एक दुख की घड़ी हैं, वह एक अच्छी आत्मा थी। उन्होंने कहा कि वह अंतिम इच्छा सुसाइड नोट में लिख कर गयी है, कानूनी प्रकिया से सबको निकलना पड़ता है।

वहीं रामपाल ने प्रीति को अब भी बहू मानने से किया इनकार कर दिया है, वहीं आत्महत्या के लिए उकसाने का केस बनने के सवाल पर उन्होंने कहा कि इस मामले में पुलिस से बात करे।

जो बिंदू जांच में है उसपर कुछ भी कहना गलत है। उन्होंने ये भी कहा कि मध्यप्रदेश में कही भी घटना हो बेटी-बहू के साथ तो दुख होता है,विपक्ष से निवेदन है कि वह संयम का परिचय दे ।