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विश्वास सारंग की तिरंगा यात्रा में गदर, कार्यकर्ताओं ने एक दूसरे पर चलाए लात घूसे

नरेला विधानसभा में विश्वास सारंग की तिरंगा यात्रा में हुई सिर फुटव्वल, कार्यकर्ताओं की पगड़ी भी उछाली।

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भोपाल। प्रदेश सरकार के काबिना मंत्री और नरेला विधानसभा से विधायक विश्वास सारंग की तिरंगा यात्रा में गदर मच गया। यहां उनके समर्थक आपस में भिड़ पड़े और जमकर लात घूसे चलाए। इतना ही नहीं कार्यकर्ताओं ने एक दूसरे की पगड़ी भी बीच बाजार उछाली। तिरंगा यात्रा में हुए हुड़दंग के चलते करीब एक घंटे तक यात्रा में अफरा तफरी का माहौल बना रहा। बताते चलें विश्वास सारंग हर साल गणतंत्र दिवस के पूर्व अपने क्षेत्र में तिरंगा यात्रा निकालते हैं।

एक दूसरे की पगड़ी उछाली
तिरंगा यात्रा के दौरान हुए दो पक्षों के विवाद में कार्यकर्ताओं ने एक दूसरे की पगड़ियां भी उछाली। यात्रा में शामिल कार्यकर्ताओं ने भगवा, सफेद और हरी पगड़ियां पहन रखी थीं। बताया जा रहा है कि कार्यकर्ताओं का यह पुराना विवाद था और रंजिशन यह मामला तिरंगा यात्रा के दौरान गरम हो गया। इसके बाद तेश में आए कार्यकर्ताओं ने जमकर एक दूसरे पर लात घूसे चलाए। कार्यकर्ताओं ने एक दूसरे को उठाकर पटखनी भी लगाई। मारपीट में कुछ समर्थन घायल भी हुए हैं हालाकि कौन घायल हुआ है इसकी अभी पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन कार्यकर्ताओं के अनुसार काफी लोगों को इस विवाद में चोटें भी आई हैं।

देशभक्ति का जज्बा जगाने निकलती है यात्रा
26 जनवरी यानी गणतंत्र दिवस से एक दिन पहले मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में एक अनोखी तिरंगा यात्रा निकाली जाती है। इस यात्रा में बाइकर्स तीन रंगों की पगड़ियां बांधे शामिल होते हैं। कोई सफेद, तो कोई हरी, तो कोई नारंगी पगड़ी पहने था। ऊंचाई से देखने पर सड़क पर एक लंबा तिरंगा दिखाई दे रहा था। सहकारिता राज्य मंत्री विश्वास सारंग ने रैली का नेतृत्व किया। इस यात्रा में सरकारी और निजी स्कूलों के बच्चे शामिल हुए। मंत्री सारंग ने बताया कि हमारे देश के राष्ट्रीय त्यौहार 26 जनवरी और 15 अगस्त पूरे देशप्रेम की भावना के साथ मनाया जाना चाहिए। देश की भावी पीढ़ी आजादी के मूल्यों को जाने और उसे बरकरार रखने में अपना योगदान दे, इस दृष्टि से इस तरह के आयोजन महत्वपूर्ण हैं।

एक सप्ताह दिया जाता है प्रशिक्षण
बताते चलें कि यात्रा में अनुशासन बनाए रखने के लिए एक हफ्ते से सभी वार्ड से शामिल होने वाले बाइक-सवार और बच्चों को प्रशिक्षण दिया गया है। यात्रा के दौरान मार्ग अवरुद्ध न हो, इसका भी पूरा ध्यान रखा गया है, लेकिन तैयारियां उस समय धरी की धरी रह गई और कार्यकर्ता बेलगाम हो गए।