
misa bandi pension yojana
भोपाल. मध्यप्रदेश में वंदेमातरम को लेकर घमासान जारी है। शुक्रवार को जीएडी मंत्री गोविंद सिंह ने शिवराज को नौटंकी बताते हुए कहा कहा कि मध्यप्रदेश में तंत्र नाम की कोई चीज नहीं है, अब वंदेमातरम और बेहतर तरीके से होगा। साथ ही मीसाबंदी पेंशन योजना को पूरी तरह बंद किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मीसाबंदियों की जगह 90 प्रतिशत भाजपाइयों को इसका लाभ मिल रहा। इसके लिए कैबिनेट में प्रस्ताव लाया जाएगा। इस दौरान मंत्री ने शिवराज के 7 तरीख को मंत्रालय के बाहर होने वाले वंदे मातरम को नौटंकी बताया।
इसके पहले मुख्यमंत्री कमलनाथ ने प्रदेश के मीसा बंदी पेंशन योजना पर अस्थाई तौर पर बंद किए जाने का निर्देश दिया था। सरकार का कहना है कि मीसा बंदियों की जांच कराने के बाद इसे फिर से शुरू करेगी। हालांकि इस जांच में कितना समय लगेगा इस पर कोई जवाब नहीं मिला है। कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा सरकार ने अपने खास लोगों को इस योजना का लाभ दिलाने के लिए सूची में जोड़ रखा है।
आपको बता दे कि मध्यप्रदेश में करीब 2000 मीसाबंदी 25 हजार रुपए मासिक पेंशन ले रहे हैं। 2008 में शिवराज सरकार ने मीसा बंदियों को 3000 और 6000 पेंशन देने का प्रावधान किया था। बाद में पेंशन राशि बढ़ाकर 10,000 रुपए की गई थी। फिर 2017 में पेंशन राशि बढ़ाकर 25,000 रुपये की गई। कांग्रेस का आरोप है कि इस पर सालाना करीब 75 करोड़ का खर्च आता है।
Published on:
04 Jan 2019 02:30 pm
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