
भोपाल। आठ साल के इंतजार के बाद लोगों को भोपाल से होशंगाबाद दस लेन एक्सप्रेस-वे का काम चालू तो हो गया लेकिन अब इसके पूरा होने में तमाम दिक्कतें सामने आ रही हैं। प्रोजेक्ट के लिए जमीन अधिग्रहण करने और रोड चौड़ीकरण के बाद यहां तीन दुकान, एक पेट्रोल पंप बीच सड़क पर आ गए हैं।
भूमि स्वामी अपनी जमीन छोडऩे तैयार नहीं हो रहे हैं जिसके चलते यहां बन रहे निर्माणी ग्रेड सेपरेटर ब्रिज का काम रोकना पड़ा है। पिछले दस दिनों से ग्रेड सेपरेटर की रिटेनिंग वॉल बनाने का काम रुका हुआ है। एमपीआरडीसी ने इस मामले में जिला प्रशासन को पत्र लिखकर कार्रवाई करने की मांग की है।
प्रोजेक्ट के तहत मिसरोद से ओबेदुल्लागंज के बीच पडऩे वाली 100 से ज्यादा कालोनियों के लिए दस लेन रोड पर कट पाइंट भी बनाए जाने हैं। ये कट पाइंट कहां बनाए जाएं इसे लेकर भी रहवासी संगठनों के बीच विवाद ने एमपीआरडीसी की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। उल्लेखनीय है कि विवादों के चलते अब तक चार प्रायवेट कंपनियां प्रोजेक्ट छोड़ चुकी हैं।
6 मेन रूट-दोनों तरफ चार सर्विस रोड
मिसरोद बीआरटीएस के आखिरी छोर से शुरु होकर ये दस लेन रूट होशंगाबाद के पास विनेका तक जाएगा। एक्सप्रेस-वे पर वाहन फर्राटा भरने के लिए 6 रूट आने जाने के लिए बनेंगे जबकि टू-व्हीलर्स के लिए दोनों तरफ दो-दो सर्विस रोड बनेंगी। एक्सप्रेस-वे में एंट्री-एक्जिट कंट्रोल करने के लिए पूरे रूट को पेड़-पौधें लगे कांक्रीट डिवाइडर से कवर किया जाएगा। मिसरोद से मंडीदीप तक केवल चार स्थानों पर कट पाइंट बनाए जा रहे हैं।
दो फेज में पूरा होना है प्रोजेक्ट
पहले फेज में मिसरोद से मंडीदीप तक 14 किमी लंबे रूट को दस लेन में तब्दील करने एमपीआरडीसी ने मैदानी काम शुरु कर दिया है। दूसरे फेज में मंडीदीप से औबेदुल्लागंज बायपास तक 5.60 किमी और आखिरी फेज में औबेदुल्लागंज बायपास से विनेका तक 29.80 किमी रूट बनाया जाएगा।
एक नजर में प्रोजेक्ट समझें
- मिसरोद से मंडीदीप तक 8 लेन सड़क में 7 मीटर चौड़ा फोर लेन रूट बनेगा
- रूट के दोनों तरफ 7.5 मीटर दो-दो सर्विस रोड बनेंगी।
- रूट के सेंटर में 9.5 फीट चौड़ा डिवायडर होगा।
- सर्विस रोड पर पैदल चलने के लिए 2-2 मीटर चौड़े फुटपाथ।
- भोपाल बायपास, मंडीदीप, नयापुरा तथा औबेदुल्लागंज बायपास पर ग्रेड सेपरेटर।
- बंसल कॉलेज, राज हाइट्स तथा सिमराई में अंडरपास बनेंगे।
- एक्सप्रेस-वे में कई मोड़ों को खत्म करने से दूरी 10 किमी घटेगी।
ग्रेड सेपरेटर रिटेनिंग वॉल बनाने बीच में आ रहे निर्माणों को हटाने प्रशासन और जन सहयोग की जरूरत है। कट पाइंट की संख्या बढ़ाने से दुर्घटनाओं की समस्या में इजाफा हो सकता है इसलिए इसे सीमित रखना जरूरी है।
- पवन अरोड़ा, प्रोजेक्ट डायरेक्टर, एमपीआरडीसी
Published on:
17 Feb 2020 09:18 am
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