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बड़ी खबर: विधानसभा चुनाव से पहले मोदी सरकार ने बढ़ाया सरकारी कर्मचारियों का DA,जल्द मिलेगी बड़ी हुई सैलेरी

साढ़े चार लाख से ज्यादा नियमित अधिकारियों-कर्मचारियों को होगा फायदा, बैठक में प्रस्ताव को मिली मंजूरी।
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भोपाल

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Deepesh Tiwari

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Updated: 29 Nov 2017, 2:47 PM IST

good news for all government employee

भोपाल। अब एक जुलाई 2017 से मध्यप्रदेश के साढ़े चार लाख से ज्यादा नियमित अधिकारियों-कर्मचारियों को पांच फीसदी की दर पर महंगाई भत्ता मिलेगा। यह निर्णय पिछले दिनों मंत्रालय में हुई कैबिनेट बैठक में लिया गया। जिसमें वित्त विभाग के एक प्रतिशत महंगाई भत्ता बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। वहीं दूसरी तरफ सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के आधार पर केंद्रीय कर्मचारियों को भी डेप्युटेशन पर दिए जाने वाले भत्ते में भारी बढ़ोतरी की गई है।

जानकारी के अनुसार महंगाई भत्ता एक प्रतिशत बढ़ाने से मध्यप्रदेश सरकार के खजाने पर सालाना 340 करोड़ रुपए का अतिरिक्त भार आएगा। इस एक प्रतिशत की वृद्धि के साथ महंगाई भत्ता पांच प्रतिशत हो गया है। यह वृद्धि जुलाई 2017 से लागू होगी। इसके पहले केंद्र सरकार अपने कर्मचारियों का महंगाई भत्ता बढ़ा चुकी है।

ये आदेश हुए जारी:
वहीं केंद्रीय कर्मचारियों के मामले में कार्मिक मंत्रालय ने आदेश जारी कर कहा है कि इस भत्ते को 2,000 रुपये से बढ़ाकर 4,500 रुपये मासिक कर दिया गया है। कार्मिक मंत्रालय के बयान के अनुसार, 'एक ही स्थान पर डेप्युट होने पर भत्ता मूल वेतन का पांच प्रतिशत होगा जो अधिकतम 4,500 रुपये मासिक तक हो सकता है।'

कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग ने पिछले दिनों जारी आदेश में कहा कि अगर डेप्युटेशन दूसरे शहर में की जाती है तो भत्ता मूल वेतन का 10 प्रतिशत तथा अधिकतम 9,000 रुपये मासिक होगा। इसके अनुसार महंगाई भत्ता 50 प्रतिशत बढ़ने पर इस भत्ते की सीमा को 25 प्रतिशत बढ़ाया जाएगा. अब तक एक स्थान पर डेप्युटेशन भत्ता मूल वेतन का 5 प्रतिशत और अधिकतम 2,000 रुपये था।

वहीं कहा जा रहा है कि प्रदेश सरकार ने केंद्र के समान महंगाई भत्ता देने की नीति अपनाई है। इसके तहत जब केंद्र सरकार महंगाई भत्ता बढ़ाती है, तभी से प्रदेश में भी वृद्धि लागू होती है। सितंबर में केंद्र सरकार ने एक प्रतिशत महंगाई भत्ता बढ़ाया था। वित्त विभाग ने इसका प्रस्ताव बनाकर आगे बढ़ा दिया था।

ऐसे बड़ा एमपी के कर्मचारियों भत्ता:
दरअसल रविवार को हुई इस कैबिनेट बैठक में एक दर्जन से ज्यादा प्रस्तावों पर विचार किया गया। वित्त मंत्री जयंत मलैया ने बैठक के फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि महंगाई भत्ता एक प्रतिशत बढ़ाने से सरकार के खजाने पर सालाना 340 करोड़ रुपए का अतिरिक्त भार आएगा।

यह फैसला पेंशनरों के साथ पंचायत और स्थानीय निकायों के अध्यापक, पंचायत सचिव व स्थाई कर्मियों पर भी लागू होगा।

जिन कर्मचारियों को छठवां वेतनमान मिल रहा है, उनका महंगाई भत्ता तीन फीसदी बढ़ेगा। इसके अलावा कैबिनेट ने द्वितीय अनुपूरक बजट को भी मंजूरी दे दी।

वहीं सूत्रों का कहना है कि यह करीब 16 हजार करोड़ रुपए का होगा। इसमें भावांतर योजना के साथ प्रधानमंत्री आवास सहित ग्रामीण विकास और नगरीय विकास की योजनाओं के लिए काफी राशि का इंतजाम किया गया है। वहीं विभागों की आपत्तियों को दूर करने की कोशिश भी वित्त विभाग ने प्रस्तावित बजट में की है।