भोपाल। शहर के विश्राम घाटों में सालों से अस्थियां एेसी हैं जो तर्पण का इंतजार कर रही है। लेकिन लावारिस होने के नाते इन्हें कोई लेने नहीं आता। हम चाहते हैं कि इन अस्थियों को गंगा में प्रवाहित कर इन्हें मोक्ष दिलाएं। यह कहना है जन भारती सेवा संस्कृति एवं कल्याण समिति के अध्यक्ष आरके पासी का। वे रविवार को भदभदा विश्राम घाट से 600 अस्थि कलश लेकर इलाहाबाद रवाना होंगे। उनका कहना है कि हिंदु धर्म के अनुसार मृतक का विधिविधान पूर्वक तर्पण ना करें तों उन्हें मोक्ष नहीं मिलता। एेसे में उन मृतकों की अस्थियां विश्रामघाट के लॉकरों में कैद हैं जिनकी शिनाख्त नहीं हो पाई है। पासी के अनुसार भदभदा, छोला और अन्य जगहों पर एक हजार से ज्यादा लावारिस अस्थि कलश रखे हुए हैं। उन्होंने बताया कि वे हर साल लावारिस अस्थियों का गंगाजी में तर्पण करते हैं।