9 फ़रवरी 2026,

सोमवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

फफूंद लगी बर्फी, सड़े फल, पोहे में मिला रहे थे अखाद्य पीला रंग, रेस्टोरेंट और जूस सेंटर सील

- एसडीएम गोविंदपुरा, फूड एंड सिविल सप्लाई, खाद्य सुरक्षा विभाग, पुलिस, नगर निगम ने मिलकर छापा मारा - एक्सपायरी कोल्ड्रिंक, जूस मशीन के पास कीड़े, फ्रीज में रखे खाने और सड़े फलों से आ रही थी बदबू

2 min read
Google source verification
फफूंद लगी बर्फी, सड़े फल, पोहे में मिला रहे थे अखाद्य पीला रंग, रेस्टोरेंट और जूस सेंटर सील

एक्सपायरी कोल्ड्रिंक, जूस मशीन के पास कीड़े, फ्रीज में रखे खाने और सड़े फलों से आ रही थी बदबू

भोपाल. अशोका गार्डन स्थित न्यू फेमस जूस एंड रेस्टोरेंट में छह किलो फफूंद लगी मिठाई, कई किलो सड़े फल, पीले रंग का अखाद्य रंग जो इंडस्ट्रीयल उपयोग में किया जाता है, उसे पोहे में मिलाया जा रहा था। एक्सपायरी बिस्किट, नमकीन और गंदगी का ढेर। ये देखकर एसडीएम मनोज वर्मा ने नाराजगी जताते हुए संचालक को जमकर फटकार लगाई। यहां अस्सी फीसदी खाद्य पदार्थ ऐसे थे जिनका सेवन करने से स्वास्थ को नुकसान होता। दुकान पर सात घरेलू सिलेंडर भी जब्त किए हैं। पांच विभागों ने मिलकर इस कार्रवाई को अंजाम दिया। पंचनामा बनाकर जूस सेंटर और रेस्टोरेंट को सील कर दिया है। ऊपर कुछ परिवार भी रहते हैं, इस कारण एक शटर शील नहीं किया,जिससे उनके आने जाने का रास्ता है। सील के दौरान संचालक ने कुछ विवाद भी किया, लेकिन पुलिस ने उसे अलग कर दिया।

एसडीएम मनोज उपाध्याय को मिली शिकायत के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारी, पुलिस, नगर निगम और सिविल सप्लाई की टीम दोपहर डेढ़ बजे रेस्टोरेंट पर पहुंच गई। यहां सड़े फल जहां रखे थे उस स्थान से बदबू आ रही थी। जूस मशीन के पास कीड़े थे। एक्सपायरी डेट की कोल्ड्रिंक रखी थी। दुकान में जितने भी बिस्किट के पैकेट थे वे सब एक्सपायरी हो चुके थे। खाद्य सुरक्षा अधिकारी देवेंद्र दुबे, भोजराज धाकड़ व अन्य ने मौके पर नौकरों से पूछताछ की तो पता चला कि पीला रंग पोहों में मिलाया जाता था। यहां से सड़े फल, मिठाई, बिस्किट, फ्रिज में रखे पुराने बासे खाने के आधा दर्जन सैम्पल भी लिए गए हैं। संचालक का नाम साजिद मंसूरी है।

किचिन में भारी गंदगी, छिलकों का ढेर
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम जब किचिन में जांच करने पहुंची तो यहां ऐसी दुर्गंध थी कि मानों कई दिनों से सफाई नहीं हुई। कटी हुए सब्जी और फल के छिल्के तक यहां बिखरे पड़े थे। बर्तन धोने के स्थान पर भारी गंदगी थी। अधिकारियों का कहना था कि यहां काम करने वालों को लंबे समय में गंदगी से संबंधित कई बीमारी भी हो सकती थीं।

दो हजार किलो मावा नष्ट

इधर 22 अगस्त को ग्वालियर से आई मावा की खेप को नगर निगम अमले से नष्ट करा दिया। इस मावा को कोल्ड स्टोर में रखवा दिया था। कई दिनों तक कोई दावा करने नहीं आया तो शनिवार को उसे विधिवत नष्ट कर दिया गया। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने मावा को नादरा बस स्टेंड से जब्त किया था। इसके बाद किसी ने दावेदारी नहीं की। मावा मिलावटी था।