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monsoon 2019: मध्यप्रदेश में भीषण गर्मी, 10 दिन देरी से आएगा मानसून

मध्यप्रदेश में भीषण गर्मी के कारण कई जिलों का तापमान 47 पार निकल गया है, जबकि उमस से भी लोग बेहाल होने लगे हैं। मौसम विभाग के मुताबिक मानसून के आने में थोड़ा इंतजार करना पड़ेगा...।

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भोपाल

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Manish Geete

Jun 03, 2019

bhopal

monsoon 2019: मध्यप्रदेश में भीषण गर्मी, 10 दिन देरी से आएगा मानसून

भोपाल। गर्मी से बेहाल मध्यप्रदेश के लोगों को मानसून का इंतजार थोड़ा ज्यादा करना पड़ेगा। सुस्त गति से आगे बढ़ रहा मानसून इस बार 7 जून तक केरल के तट पर पहुंच सकता है। इसी प्रकार देश के अन्य हिस्सों में भी विलंब से ही मानसून दस्तक देगा। मध्यप्रदेश में इसके 20 जून तक आने का अनुमान लगाया जा रहा है।

मध्यप्रदेश में गर्मी से बेहाल लोगों को इस बार मानसून का इंतजार एक सप्ताह से अधिक करना पड़ सकता है। मध्यप्रदेश में मानसून 20 जून के बाद ही आएगा। तब तक उमस और गर्मी सहना पड़ेगी। मध्यप्रदेश में 13 से 15 जून तक मानसून आ जाता है। जो 20 जून तक पूरे प्रदेश में छा जाता है। लेकिन, इस बार यह तीथियां भी आगे बढ़ती हुई नजर आ रही हैं।

मौसम विभाग की भविष्यवाणी करने वाली निजी कंपनी स्काइमेट के मुताबिक मानसून इस बार मानसून मानसून की तिथियों में संशोधन किया जा रहा है। इससे पहले स्काईमेट ने कहा था कि केरल में मानसून 4 जून के आसपास ही पहुंचेगा। स्काइमेट की ताजा भविष्यवाणी के मुताबिक अब मौसम के हालात पहले की तुलना में बदल गए हैं। मानसून की शुरुआत अब 7 जून के आसपास होने जा रही है। यह मानसून दे दिन आगे या पीछे हो सकता है।

क्या कहता है मौसम विभाग
भारत के मौसम विज्ञान विभाग के मुताबिक केरल में मानसून के 6 जून तक आ सकता है, जिसमें चार दिन आगे-पीछे का भी अनुमान लगाया गया है।

विलंब होने के तीन कारण
-स्काईमेट के मुताबिक मानसून की गति बदलने में कुछ दिन और लगेंगे। इसके पीछे तीन कारण बताए गए हैं।
-अफ्रीका के हार्न पर सोमालिया तट से कम दबाव का क्षेत्रबना है, जो हवा के पैटर्न को नियंत्रित कर रहा है।

-एक एंटी-साइक्लोन उच्च दबाव प्रणाली हवा को और अधिक धीमा बना रही है। अरब सागर नॉर्थईस्ट हवाओं को धकेल रहा है जो पश्चिमी तट के साथ बह रही हैं। हालांकि यह हवा बारिश के लिए पर्याप्त नहीं हैं।

महेश्वर में ओले गिरे
इधर, मध्यप्रदेश के निमाड़ क्षेत्र में ओले गिरने और तेज आंधी में 150 से ज्यादा मकानों को नुकसान होने का अनुमान है। रविवार शाम को दूलभरी आंधी चली, इसके बाद महेश्वर में बूंदाबांदी हो गई। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार राजस्थान से पहले मध्यप्रदे में एक मानसून की द्रोणिका एक्टिव है, इस कारण खरगौन में प्री-मानसून गतिविधियां शुरू हो गई हैं। इससे लू से थोड़ी राहत हुई है।

कहां कितनी गर्मी
-मध्यप्रदेश के खजुराहो में पारा 47 डिग्री पर है, यहां अगले सप्ताह तक दो डिग्री कम होने की उम्मीद है।
-भोपाल का पारा फिलहाल 44 डिग्री के आसपास बना हुआ है, जबकि रात का पारा 30 डिग्री बना हुआ है। यहां अगले सप्ताह एक से दो डिग्री की कमी का अनुमान है। फिलहाल उमस और गर्मी से लोग बेहाल हैं।
-ग्वालियर का तापमान भी 47 डिग्री पर बना हुआ है, यहां रात का पारा 30 डिग्री है। सप्ताह अंत तक दो डिग्री की कमी का अनुमान है।
-इंदौर का तापमान 43 डिग्री पर है, जबकि न्यूनतम पारा 27 डिग्री पर है। सप्ताह के अंत तक एक डिग्री की कमी का अनुमान है।
-जबलपुर में भी अधिकतम तापमान 45 डिग्री पर है, जबकि न्यूनतम तापमान 32 डिग्री है। सप्ताह के अंत तक दो डिग्री की कमी का अनुमान व्यक्त किया गया है।
(आंकड़े भारत मौसम विज्ञान विभाग के मुताबिक)

भोपाल के कई तालाब सूख गए
भीषण गर्मी के कारण भोपाल के तालाब सूखने लगे। बड़ा तालाब, कलियासोत डैम, केरवा डैम, कोलार डैम, हलाली डैम सभी तालाब के जल स्तर काफी गिर गए हैं। जल्द ही मानसून नहीं आया तो लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा।