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90 हजार से ज्यादा मतदाताओं के नाम इधर उधर, वोट देने बूथ दर बूथ भटकते रहे

लोकतंत्र के उत्सव में खलल: नगर निगम चुनाव में भोपाल जिले की छह विधानसभा क्षेत्र में 90 हजार से ज्यादा परिवार के लोगों के नाम अलग-अलग बूथ पर बंट गए, जिससे वे वोट देने के लिए बूथ दर बूथ भटकते रहे

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90 हजार से ज्यादा मतदाताओं के नाम इधर उधर, वोट देने बूथ दर बूथ भटकते रहे

90 हजार से ज्यादा मतदाताओं के नाम इधर उधर, वोट देने बूथ दर बूथ भटकते रहे

भोपाल. नगर निगम चुनाव में जिले की छह विधानसभा क्षेत्र में 90 हजार से ज्यादा परिवार के लोगों के नाम अलग-अलग बूथ पर बंट गए। ऐसा क्यों हुआ, इसका जवाब किसी के पास नहीं है। स्टैंङ्क्षडग कमेटी की बैठक के बाद 85 वार्ड में 17 लाख 06 हजार 637 मतदाता की सूची जारी हुई है। जिसमें 8 लाख 86 हजार 126 पुरुष, 8 लाख 20 हजार 343 महिला और 168 थर्ड जेंडर मतदाता हैं। सूची को वार्ड स्तर पर नाम पता करने के लिए भी रखवा दिया गया, लेकिन ऐसा क्या हुआ कि जब जनता वोट डालने पहुंची तो उनमें से काफी के बूथ बदल गए। यहां तक की काफी के वार्ड तक बदल गए थे। जानकारों की मानें तो ये गड़बड़ी एसडीएम सर्किल स्तर पर तैयार की गई मतदाता सूची बनाने वालों से हुई है। जो शिकायतें आईं उन पर अमल नहीं किया, मतदाता सूची में थोड़ा बहुत संशोधन कर उसे बैठक् में रख दिया।

बीएलओ पर कार्रवाई की अनुशंसा
वार्ड 83 के बीएलओ अरङ्क्षवद अहिरवार पर जिला निर्वाचन कार्यालय ने कार्रवाई की अनुशंसा की है। बीएलओ ने मतदाता सूची का वितरण नहीं किया था। इसकी शिकायत भाजपा पार्षद प्रत्याशी रविन्द्र यती ने एसडीएम से की थी। जांच में सामने आया कि बीएलओ ने सभी मतदाता सूची अपने घर पर रखी हुई थी। जोनल अधिकारी ने कार्रवाई को तहसीलदार को लिखा है।

मतगणना स्थल पर मोबाइल फोन प्रतिबंधित
पुरानी जेल में बने स्ट्रांग रूम के आसपास मोबाइल फोन का उपयोग प्रतिबंधित किया गया है। जिला निर्वाचन अधिकारी और कलेक्टर अविनाश लवानिया ने तत्काल प्रभाव से ये सख्ती लागू की है। कलेक्टर ने बताया कि मोबाइल का उपयोग मतगणना कार्य में बाधक होता है तथा गोपनीयता भंग होने की आशंका बनी रहती है। चुनाव लडऩे वाले अभ्यर्थी तथा उसके निर्वाचन अभिकर्ता के मोबाइल की मतगणना स्थल पर प्रवेश के दौरान जांच की जाएगी। यदि कोई अभ्यर्थी या उसका निर्वाचन अभिकर्ता अथवा गणना अभिकर्ता मतगणना स्थल पर मोबाइल लाता है तो उसे प्रवेश नहीं दिया जाएगा। इस संबंध में सभी अभ्यर्थियों, मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों को पहले से अवगत भी करा दिया गया है।

स्ट्रॉन्ग रूम के बाहर 8-8 घंटे की ड्यूटी
स्ट्रॉन्ग रूम के बाहर ही तीन लेयर की सुरक्षा के अलावा आठ-आठ घंटे एक्सपर्ट की ड्यूटी लगाई गई है। उप जिला निर्वाचन अधिकारी संजय श्रीवास्तव ने बताया कि स्ट्रॉन्ग रूम को प्रत्याशियों के समक्ष ही सील किया गया है और सभी जगह कैमरे से निगाह रखी जा रही है। आठ - आठ घंटे की शिफ्ट में तकनीकी विशेषज्ञ स्ट्रॉन्ग रूम के बाहर तैनात किए गए हैं। कैमरे में लगातार लाइट की सप्लाई के लिए वैकल्पिक इंतजाम भी किए गए हैं, जिससे कैमरे लगातार काम करते रहें। ईवीएम की 24 घंटे कैमरे से निगरानी की जा रही है और रिकॉर्डिंग भी की जा रही है।

इस तरह की शिकायतें
बूथ क्रमांक: 59/12: नाम प्रकाश विटोरे, पुरुष उम्र 41 साल, का मतदान केंद्र 1541 हेमा माध्यमिक विद्यालय था। वहीं इनकी पत्नी सुनीता विटोरे का बूथ क्रमांक 59/13 हो गया, इनका मतदान मीरा शिशु मंदिर डी सेक्टर में पड़ा। पहले पति ने मतदान किया फिर वह पत्नी को मतदान कराने ले गए।

बूथ क्रमांक: 59/13 पर दीपिका सन्तोष सूर्यवंशी, महिला उम्र 24 वर्ष, का मतदान केंद्र 1542 मीरा शिश्ु मंदिर डी सेक्टर गोङ्क्षवदपुरा था। वहीं इनके पति का बूथ क्रमांक 59/14 हो गया। पति संतोष सुर्यवंशी 1543 शासकीय बालक शाला सिक्योरिटी स्कूल में वोट डालने गए। जबकि विधानसभा में दोनों ने एक साथ मतदान किया था।

एक ही परिवार के लोगों के बूथ कैसे बदल गए, इस मामले में एसडीएम ही बता सकते हैं। हमारे पास कोई जानकारी नहीं है।
संजय श्रीवास्तव, उपजिला निर्वाचन अधिकारी