
खाली प्लाटों में भरे पानी, गंदगी से पनप रहे मच्छर
वहीं कचरा फेंके जाने से यहां से उठने वाली बदबू और गंदगी के कारण लोगों को घरों के सामने बैठना मुश्किल हो रहा है। इससे स्थानीय रहवासियों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है। लोगों ने बताया कि अहमदपुर से कटारा हिल्स बर्राई की ओर जाने वाली नहर में बागसेवनिया बस्ती के लोग घरों की सीवेज लाइन नहर में डाल रखी है, जिससे पूरा सीवेज नहर में डाला जा रहा है। इससे गंदगी फैल रही है।
इन कॉलोनियों में खाली प्लॉटों में भरा है गंदा पानी
बता दें कि भेल क्षेत्र की कई कॉलोनियों में खाली पड़े प्लॉटों में गंदा पानी और सीवेज भरा हुआ है। इसके कारण लोगों को बीमारियां होने के साथ ही बदबू और गंदगी के बीच रहना पड़ रहा है। इसमें कटरा हिल्स की स्वर्णकुंज कॉलोनी, बागमुगालिया अरविंद विहार की कॉलोनी, बागसेवनिया की गुलाबी नगर कॉलोनी, शिक्षक कांग्रेस कॉलोनी, बीडीए कॉलोनी, पिपलिया पेंदे खां, शास्त्री नगर सहित कई अन्य कॉलोनियां हैं, जहां प्लॉटों में पानी भरा हुआ है।
कॉलोनी के पीछे खाली पड़े प्लॉटों में दूसरी कॉलोनियों का सीवेज छोड़ा जा रहा है। इसके कारण मच्छर पनप रहे हैं और लोगों में विभिन्न तरह की मच्छर जनित बीमारियां फैल रही हैं। वहीं कचरा फेंके जाने से गंदगी और बदबू के कारण घर के बाहर बैठना मुश्किल हो जाता है। गिट्टी, रेत के दुकानदारों ने नालियों पर ही सामग्री डंप कर रखी है जिसके कारण कॉलोनी की नालियां चोक पड़ी हैं। कॉलोनी की सडक़ जर्जर हो चुकी है।
धीरेंद्र श्रीवास्तव, रहवासी, शिक्षक कांग्रेस कॉलोनी
नर्मदापुरम रोड के अहमदपुर से कटारा हिल्स, बर्राई की ओर जाने वाली नहर में लोगोंं द्वारा जगह-जगह पाइप डालकर घरों का सीवेज छोड़ा जा रहा है। यहां बनाई गई 80 फीट सडक़ किनारे मांस- मछली का बाजार लगता है। दुकानदार बाजार खत्म होने के बाद बचे अवशेष को नहर में डाल देते हैं। इसके कारण यहां से उठने वाली बदबू से यहां से निकलना मुश्किल होता है। सामने कॉलोनी में रहने वाले लोगों को भी भारी परेशानी होती है।
हरीश कुमार राम, रहवासी, आदर्श नगर, बागमुगालिया
पिपलिया पेंदे खां में जगह-जगह खाली प्लॉट पड़े हैं। इनमें घरों से निकलने वाला गंदा पानी और सीवेज भरता है। आसपास के लोग यहीं पर रात के अंधेरे में घरों से निकलने वाला कचरा सहित अन्य सामग्री फेंक जाते हैं। इसके कारण यहां मच्छर पनपने के साथ ही गंदगी और बदबू के कारण रहना मुश्किल होता है। नालियों की साफ-सफाई नहीं होने से चोक हो रही हैं। इससे घरों के सामने गंदगी और बदबू रहती है। इससे भारी परेशानी हो रही है।
प्रदीप मालवीय, रहवासी, पिपलिया पेंदे खां
कॉपरेटिव का नियम है कि तीन से पांच साल के भीतर खाली पड़े प्लॉट पर निर्माण किया जाना चाहिए, लेकिन लोग कॉलोनियों में प्लॉट लेने के बाद कई वर्षों तक खाली रखते हैं। बाद में मूल्य बढऩे पर बिक्री कर देते हैं। खाली पड़े प्लाटों के मालिकों पर नगर निगम को जुर्माना लगाना चाहिए, ताकि ऑनर इससे सबक ले सकें और रहवासियों हो होने वाली विभिन्न तरह की बीमारियों से परेशानियों से निजात मिल सके।
आशुतोष निगम, रहवासी, शिक्षक कांग्रेस कॉलोनी
Published on:
02 Dec 2023 08:20 pm

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