
भोपाल। हबीबगंज इलाके के केतकी हॉस्टल में रहकर एमएड की पढ़ाई कर रही महिला ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। सुसाइड नोट नहीं मिलने से आत्महत्या की वजह का खुलासा नहीं हो सका है। हालांकि, पुलिस का कहना कि करीब 6 साल पहले महिला के बेटे की सडक़ हादसे में मौत हो गई थी। इकलौते बेटे की मौत के बाद से वह गमजदा थी। बीती 4 मई को बेटे का जन्मदिन था। इसी के तनाव में खुदकुशी कर ली। हबीबगंज पुलिस मामले की जांच कर रही है।
मामले की विवेचना कर रहे एसआई राजेश तिवारी ने बताया कि मूलत: मुरैना निवासी 45 वर्षीय अर्चना शर्मा पति प्रमोद दीक्षित केतकी गल्र्स हॉस्टल में रहकर एक निजी कॉलेज से एमएड कर रही थीं। प्रमोद इंदौर में एक निजी इंजीनियरिंग कॉलेज में लैब टेक्निशियन हैं। उनकी 15 साल की एक बच्ची है, जो जयपुर में फैशन डिजाइनिंग का कोर्स कर रही है। मंगलवार की रात करीब साढ़े 11 बजे अर्चना ने अपने रूम में दुपट्टे से फंदा बनाकर पंखे से फांसी लगा ली। मृतका की मौत का खुलासा बुधवार सुबह पौने सात बजे तब हुआ जब हॉस्टल में अर्चना की सहेली बुधवार सुबह उन्हें वॉक करने के लिए उठाने गई।
आवाज देने पर जब अंदर से कोई जवाब नहीं मिला तो लडक़ी ने हॉस्टल के चौकीदार को घटना की जानकारी दी। चौकीदार ने भी अर्चना को जगाने का प्रयास किया, लेकिन वह नाकाम रहा। इसके बाद उसने पुलिस को सूचना दी। पति से फोन पर की देर रात तक बात: मंगलवार रात को उन्होंने अपने पति से देर तक बात की थी। पति ने भी उन्हें तनाव से दूर रहने की सलाह दी, लेकिन उन्होंने यह आत्मघाती कदम उठा लिया।
हॉस्टल में भी बेटे की करती थीं चर्चा
टीआई हबीबगंज वीरेन्द्र सिंह चौहान ने बताया कि केतकी हॉस्टल में करीब तीन साल से रह रही थीं। वह हास्टल में रहने वाली लड़कियों को भी बेटे के हादसे के बारे में अक्सर जिक्र करती थीं। पुलिस अन्य पहलुओं पर भी जांच कर रही है।
Published on:
10 May 2018 06:58 pm
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