16 फ़रवरी 2026,

सोमवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

समर कैंप : संतुलित दिनचर्या ही है विकास का सही आधार

संस्कार सृजन समर कैंप

2 min read
Google source verification
summer camp

भोपाल। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के क्षत्रिय मुख्यालय राजयोग भवन में संस्कार सृजन समर कैंप में बच्चों को बेहतर जीवनचर्या के बारे में बताया गया। इस दौरान बच्चों को सुबह उठने से लेकर सोने तक की दिनचर्या के बारे में जानकारी दी गई। सिस्कोम प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर प्रोफेसर प्रदीप वर्मा ने कहा कि हम बचपन में एक कविता सुनते थे।

अर्ली तू बेड एण्ड अर्ली तू राइज, मैक्स ऐ मेन हेल्थी वेल्थी एण्ड वाइज। इस कविता के एक-एक शब्द को अगर हम सदा जीवन में धारण कर लें तो वास्तव में हमारा सम्पूर्ण व्यक्तित्व विकास संभव है। उन्होंने बच्चों को सुबह उठने से लेकर रात्रि सोने तक की दिनचर्या को वैज्ञानिक रीति से समझाते हुए कहा की रात्रि को 10 बजे स्वत: ही सोने के हार्मोन्स बॉडी में स्त्रावित होने लगते हैं, जो हमारी नींद को गहरी करने में सहायक होते हैं।

तिथि को लेकर गफलत, राजपूत समाज में रोष

इधर भोपाल में अमर योद्धा महाराणा प्रताप की तिथि के हिसाब से 478वीं जयंती बुधवार को थी, लेकिन जयंती की तिथि को लेकर इस बार भी गफलत की स्थिति बनी रही। सरकारी कैलेंडर में जयंती 16 जून को घोषित की गई है, जबकि बुधवार को जयंती थी। अधिकांश संगठन अब 16 जून को ही जयंती मनाएंगे। जयंती की तिथि को लेकर बन रही भ्रम की स्थिति को लेकर राजपूत समाज ने रोष व्यक्त किया है। मप्र राजपूत समाज के अध्यक्ष लेफ्टि विनय भदौरिया ने बताया कि हमने सरकार से मांग की है कि महाराणा प्रताप की जयंती उनकी जन्म तारिख 9 मई को ही मनाई जानी चाहिए, जबकि सरकारी कैलेंडर में 16 जून को महाराणा प्रताप और छत्रसाल जयंती का उल्लेख किया गया है। सरकार से मांग है कि कैलेंडर में 9 मई की ही तारीख का उल्लेख करे। साथ ही जनभावनाओं को देखते हुए इस दिन प्रदेश में सार्वजनिक अवकाश घोषित किया जाए।

राजपूत करणी सेना ने किया झंडा वंदन

जयंती के मौके पर राजपूत करणी सेना के कार्यकर्ताओं ने एमपी नगर स्थित महाराणा प्रताप की प्रतिमा के सामने ध्वजारोहण किया और उन्हें याद किया। इस मौके पर सुरेंद्र सिंह चौहान, प्रदीप सिंह सिसोदिया, जितेंद्र सिंह सहित कई उपस्थित थे।