
दतिया। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह गुरुवार की शाम को दतिया स्थित मां पीतांबरा पीठ पहुंचे। जहां उन्होंने मां पीतांबरा की पूजा अर्चना की। इससे पहले हवाइ पट्टी पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने नवागत भाजपा प्रदेश अध्यक्ष का स्वागत किया। वहीं पीतांबरा पीठ पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने तुला दान कर राकेश सिंह का स्वागत किया। इस दौरान भिंड-दतिया सांसद डॉ भागीरथ प्रसाद,पिछड़ा वर्ग आयोग की अध्यक्ष राधेलाल बघेल, भाजपा जिलाध्यक्ष विक्रम बुंदेला,भांडेर विधायक घनश्याम पिरोनिया, सेवढा विधायक प्रदीप अग्रवाल सहित अनेक भाजपा कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी मौजूद रहे।
कई दिग्गज आते है मां के दरबार में
प्रदेश के दतिया जिले में स्थित मां पीतांबरा को राजसत्ता की देवी माना जाता है। इसी रूप में भक्त उनकी आराधना करते हैं। राजसत्ता की कामना रखने वाले भक्त यहां आकर गुप्त पूजा अर्चना करते हैं। मां पीतांबरा शत्रु नाश की अधिष्ठात्री देवी है और राजसत्ता प्राप्ति में मां की पूजा का विशेष महत्व होता है। इस सिद्धपीठ की स्थापना 1935 में स्वामीजी के द्वारा की गई। यह चमत्कारी धाम स्वामीजी के जप और तप के कारण ही एक सिद्ध पीठ के रूप में जाना जाता है। भक्तों को मां के दर्शन एक छोटी सी खिड़की से ही होते हैं।
मंदिर प्रांगण में स्थित वनखंडेश्वर महादेव शिवलिंग को महाभारत काल का बताया जाता है। यहां राष्ट्रपति प्रण्ब मुखर्जी, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ,केन्द्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह और प्रदेश के सीएम शिवराज सिंह, स्व. माधवराव सिंधिया व पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया सहित कई नेता मां पीतांबरा शक्ति बगलामुखी के भक्त हैं। आपको बात दें कि यूपी में होने वाले चुनावों से पहले से बीजेपी के कई बड़े नेताओं ने मां पीताम्बरा की विशेष पूजा अर्चना की थी।
नेहरू से लेकर प्रणब तक ने लगाई दौड़
देश की राजनीति में ये पहली बार नहीं है जब सियासत के महारथी मां पीताम्बरा के दरबार में आए हो। नेता हो या अभिनेता जब भी कोई संकट में आता है तो उसे मां पीताम्बरा सबसे पहले याद आती हैं। यहां देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरु,पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी ,राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, इंदिरा गांधी, पीवी नरसिम्हा, राजमाता विजयाराजे सिंधिया सहित देश की कई हस्तियां मां की शरण में आ चुके हैं और मां ने हर बार उनकी मुराद पूरी की है।
इसलिए आते हैं माता के दरबार में
दतिया जिले में स्थित मां पीतांबरा को राजसत्ता की देवी माना जाता है। भक्त भी इसी रूप में उनकी आराधना करते हैं। राजसत्ता की कामना रखने वाले भक्त यहां आकर गुप्त पूजा अर्चना करते हैं। मां पीतांबरा शत्रु नाश की अधिष्ठात्री देवी है और राजसत्ता प्राप्ति में मां की पूजा का विशेष महत्व होता है। मां की मूर्ति में भी माता को शत्रु की जिव्हा पकड़े दिखाया है। इनकी पूजा से शत्रुओं पर विजय प्राप्त की जा सकती है। शास्त्रों के जानकार बताते हैं कि भगवान परशुराम ने शत्रुओं पर विजय प्राप्त करने के लिए मां की उपासना की थी।
Published on:
10 May 2018 06:41 pm
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