
पुराने शहर के सदर मंजिल के सामने स्थित करीब 150 साल पुराने मोती महल के खंभे इकबाल मैदान में टेंट को खड़ा रखने के काम आ रहे हैं। कमजोर दीवारें और खंभों की वजह से इसके संरक्षण का काम शुरू किया था, लेकिन भारी भरकम टेंट के बोझ से इसे मुक्ति नहंी दे सके। इकबाल मैदान के पश्चिमी ओर स्थित दो मंजिला महल मोती महल के नाम से जाना जाता है। ये महल सदर मंजिल के सामने है।
इसका निर्माण भोपाल की तत्कालीन नवाब कुदसिया बेगम ने 1819-1837 में करवाया था। इसी महल के पास एक विशाल दरवाजा है जो शौकत महल को मोती महल से जोड़ता है। मोती महल से शौकत महल में जाने के लिए इसी दरवाजे के ऊपर से आने जाने के लिए जोड़ा गया है। महल के पास ही सदर मंजिल है, जिसे स्मार्टसिटी पांच करोड़ रुपए खर्च कर जीर्णोद्धार करने में लगा है।
मोती महल में कई सरकारी कार्यालय हुआ करते थे, लेकिन महल के जीर्णोद्धार के चलते यह शिफ्ट किया जा चुके हैं। ये भवन निगम की हेरिटेज योजना में शामिल है। इसके लिए भी करीब पांच करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं। सदर मंजिल के बाद मोती महल का लुक भी बदलेगा।
हाईटेंशन लाइन की चपेट में आया ट्रक चालक, मौत
गोविंदपुरा औद्योक्षिक क्षेत्र में तिरपाल बांधते वक्त ट्रक चालक की हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से मौत हो गई। हादसा ट्रक की तिरपाल की रस्सी बांधते समय ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन के संपर्क में आने से हुआ। पुलिस के मुताबिक मूलत: कानपुर निवासी 30 वर्षीय अजीत सिंह यादव ट्रक चालक था। अजीत सिंह बुधवार रात करीब आठ बजे आद्योगिक क्षेत्र में अकांक्षा सेल्स प्रमोटर से पेट्रोल पंप के उपकरण लोड कर ट्रक को फैक्ट्री से बाहर लेकर आया। हाईटेंशन लाइन के नीचे वह ट्रक खड़ा कर तिरपाल की रस्सी कसने लगा। तभी वह करंट की चपेट में आ गया। घटना में उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
Published on:
27 Dec 2019 09:29 am
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