रेलवे ने ट्रेनों में लगे सरकारी विज्ञापन अभी तक नहीं हटाए हैं। कई ट्रेनों के कोचों मेंं सरकारी योजनाओं से जुड़े विज्ञापन लगे हैं जिसकी कांग्रेस ने बाकायदा शिकायत की है। शिकायत के बाद ट्रेनों में सरकारी विज्ञापनों पर मध्यप्रदेश निवार्चन आयोग ने सख्ती दिखाते हुए इन्हें तुरंत हटाने को कहा है।
एमपी में विधानसभा चुनावों की आचार संहिता लग चुकी है लेकिन रेलवे ने ट्रेनों में लगे सरकारी विज्ञापन अभी तक नहीं हटाए हैं। कई ट्रेनों के कोचों मेंं सरकारी योजनाओं से जुड़े विज्ञापन लगे हैं जिसकी कांग्रेस ने बाकायदा शिकायत की है। शिकायत के बाद ट्रेनों में सरकारी विज्ञापनों पर मध्यप्रदेश निवार्चन आयोग ने सख्ती दिखाते हुए इन्हें तुरंत हटाने को कहा है।
आय बढ़ाने के लिए रेलवे ट्रेनों के कोचों में विज्ञापन लगवाता है। इन विज्ञापनों में कई मध्यप्रदेश की सरकारी योजनाओं से संबंधित भी हैं। प्रदेश में आचार संहिता लग चुकी है और ऐसे में एमपी की सरकारी योजनाएं से संबंधित विज्ञापन नियमानुसार हटा दिए जाने चाहिए पर ऐसा नहीं किया गया है। एमपी से गुजर रही ट्रेनों अभी तक मध्यप्रदेश सरकार की योजनाओं के विज्ञापन लगे हुए हैं।
ट्रेनों के कोचों में एमपी सरकारी के जो विज्ञापन लगे हुए हैं उनमें प्रदेश सरकार की सबसे महत्वकांक्षी योजना लाड़ली बहना योजना के विज्ञापन भी शामिल हैं। मध्यप्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री तीर्थदर्शन योजना के विज्ञापन भी ट्रेनों के कोचों में अभी तक प्रदर्शित किए जा रहे हैं।
कांग्रेस ने इस पर आपत्ति जताई है। मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष जेपी धनोपिया ने ट्रेनों के कोचों में लगे एमपी के इन सरकारी विज्ञापनों की मुख्य निर्वाचन आयुक्त को शिकायत की है। ट्रेनों में खासतौर पर लाड़ली बहना योजना के विज्ञापनों का जिक्र किया गया है।
कांग्रेस की इस शिकायत के बाद चुनाव आयोग ने सख्ती दिखाई है। आयोग ने प्रदेश के सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को इसकी जांच करने को कहा है। आयोग ने जांच और कार्रवाई रिपोर्ट भी तलब की है। आयोग ने रेलवे के खिलाफ समुचित कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए। आयोग का पत्र मिलते ही सभी कलेक्टर सक्रिय हुए और अपने अपने क्षेत्रों के रेलवे अधिकारियों को तुरंत विज्ञापन हटाने को कहा।
इधर रेलवे अधिकारियों का कहना है कि सभी स्टेशनों और सर्कुलेशन एरिया से सरकारी विज्ञापनों को हटा दिया गया है। हालांकि हकीकत यह है कि वंदेभारत एक्सप्रेस सहित कई ट्रेनाें के कोचों में सरकारी विज्ञापन लगे हैं। इंदौर भाेपाल नागपुर तथा आरकेएमपी जबलपुर रीवा वंदेभारत एक्सप्रेस के कोचों में भी सरकारी विज्ञापन लगे हैं। चुनाव आयोग की सख्ती के बाद अब रेलवे ने इन विज्ञापनों को हटाने की कार्यवाही शुरु की है।