
मध्य प्रदेश में केेंद्र सरकार के 'हिट एंड रन' के नए कानून के विरोध में ट्रांसपोर्टरों की हड़ताल ने जनजीवन को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। नए साल का पहला दिन है लोग जश्न के मूड में हैं, लेकिन प्रदेशभर में ट्रक और बसों की हड़ताल से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। स्थिति ये है कि कई शहरों में पेट्रोल पंप खाली हो चुके हैं। डीजल की किल्लत शुरू हो चुकी है। रविवार देर रात से शुरू हुई बसों और ट्रक ड्राइवरों की इस हड़ताल के बाद यात्री बसों का इंतजार कर रहे हैं। इस उम्मीद में हैं कि कब बस आए और कब वे घर लौटें। हमेशा सवारियों के इंतजार में रहने वाले ऑटो चालक भी सवारियों को नहीं ले जा रहे हैं। यहां पढ़ें क्या है ये केंद्र सरकार का ये नया मोटर व्हीकल हिट एंड रन एक्ट और प्रदेशव्यापी ट्रांसपोर्टर हड़ताल कैसे बढ़ा रही लोगों की मुश्किलें...
कई शहरों में पेट्रोल-डीजल खत्म नए साल के पहले ही दिन ट्रक और बस ड्राइवरों की हड़ताल ने आम जीवन को बुरी तरह प्रभावित करना शुरू कर दिया है। दरअसल हड़ताल के कारण टैंकर ड्राइवर एमपी के सभी पेट्रोलियम डिपो में नहीं पहुंच रहे हैं। स्थिति ये है कि सिंगरौली, सागर, भिटौनी, रतलाम, सहित सभी डिपो के बाहर ड्राइवर हड़ताल पर हैं। सतना सहित प्रदेश के कई शहरों में पेट्रोल पंप खाली हो चुके हैं। नये साल के पहले दिन लोग मंदिरों में दर्शन करने, घूमने सड़कों पर निकल पड़े लेकिन अब उन्हें कहीं पेट्रोल नहीं मिल रहा है। जहां पेट्रोल मिल रहा है, वहां लंबी कतारें लग चुकी हैं। राजधानी भोपाल में भी इसका असर नजर आया। यहां भी पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें दिखीं, तो आधारशिला, कटारा हिल्स क्षेत्र में स्थित पेट्रोल पंप पर पेट्रोल नहीं पहुंच सका, तो पेट्रोल भरवाने यहां पहुंचे लोगों को निराश लौटना पड़ा।
रविवार देर शाम से शुरू हुई हड़ताल
आपको बता दें कि प्रदेशभ भर में ट्रांसपोर्टरों ने नए कानून हिट एंड रन के विरोध में हड़ताल शुरू कर दी है। प्रदेशभर में न बसें चल रही हैं और न ही ट्रक और टैंकर। हड़ताल को हुए अभी 24 घंटे भी नहीं बीते कि प्रदेशभर की स्थिति बदतर हो चली है। लेकिन नए कानून की निरस्तगी को लेकर अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं हो सका है। सरकार की ओर से लागू किए गए इस नए कानून से नाराज तेल टैंकरों के ड्राइवरों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की है।
भोपाल. केंद्र सरकार के हिट एंड रन नए कानून के विरोध में की जा रही ट्रांसपोर्टरों की हड़ताल का असर राजधानी भोपाल पर भी नजर आया। यहां कई पेट्रोल पंप खाली हो गए। लोगों को पेट्रोल के लिए भटकना पड़ रहा है। जहां पे़ट्रोल मिल रहा है, वहां लोग लंबी लाइन में लगकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं।
यात्री हुए परेशान
हड़ताल के कारण सबसे ज्यादा परेशान हो रहे है ंयात्री, फिर चाहे वे बस का सफर करने वाले हों या फिर ऑटो या कैब का। इनके साथ ही अन्य शहरों और राज्यों से भोपाल पहुंचने वाले रेल यात्री भी मुश्किल में दिखे। दरअसल वे भोपाल स्टेशन पर ट्रेन से तो उतरे लेकिन अब उन्हें शहर में स्थित अपने गंतव्य पर जाने के लिए कोई भी वाहन नहीं मिल रहा। यात्रियों से बात करने पर पता चला कि कैब बुक नहीं हो रहीं। वहीं ऑटो चालक भी सवारियों को नहीं ले जाना चाहते। उनका कहना है कि यदि वे ऑटो चलाएंगे तो उनके वाहनों को तोड़ा या जला दिया जाएगा। डर के कारण वे सवारियों को ना कहने से गुरेज नहीं कर रहे।
बड़ी मुश्किल से पहुंचे घर
जयपुर से भोपाल अपनी बेटी के घर पहुंचा एक परिवार उस वक्त बड़ा डरा हुआ नजर आया जब उनके ऑटो को हाथों मे डंडा लिए हुए कई युवाओं ने रोक लिया। लेकिन बाहर से आने की बात कहने पर वे माने और उन्हें जाने दिया। इस परिवार का कहना था कि ऑटो वाले ले जाने को तैयार नहीं थे। कह रहे थे कि यदि वे सवारी लेकर गए तो उनकी गाड़ी जला दी जाएगी। लेकिन जैसे-तैसे एक ऑटो वाला तैयार भी हुआ, तो रास्ते में खड़े कुछ हड़ताल समर्थकों ने उन्हें रोक लिया था। उनका कहना था कि कई समर्थक हाथों में डंडे लिए खड़े हैं और वाहनों को सवारियां लेकर जाने नहीं दे रहे हैं।
जबलपुर. हिट एंड रन के नए कानून के चलते ट्रक ड्राइवयर्स अनिश्चतकालीन हड़ताल पर हैं। ऐसे में लोगों को पेट्रोल और डीजल के लिए परेशान होना पड़ रहा है। जबकि जबलपुर में मध्यप्रदेश शासन के केबिनेट मंत्री राकेश सिंह ने आम जनता को पेट्रोल डीजल की किल्लत का सामना न करना पड़े, इसके लिए जिला प्रशासन को निर्देश दिए थे। लेकिन केबिनेट मंत्री के आदेश के बाद भी शहर में पेट्रोल और डीजल के टेंकर,पेट्रोल पम्पों तक नहीं पहुचे हैं। यहां आम जनता रात भर पेट्रोल डीजल के लिए परेशान होती रही और सोमवार को भी हालात ऐसे ही बने हुए हैं।
यहां जानें क्या है ये हिट एंड रन कानून
हिट एंड रन केस को लेकर पहले से कानून है लेकिन अब केंद्र सरकार नया कानून लेकर आई है। अभी तक हिट एंड रन में ड्राइवर की थाने से जमानत हो जाती है साथ ही दो साल की सजा का प्रावधान भी है। लेकिन अब इसमें वाहन चलाने वाले ड्राइवरों को अधिकतम 10 साल की सजा होगी, इसके साथ ही 7 लाख जुर्माना लगाने का प्रावधान भी किया गया है। इस कानून के लागू होने के बाद से कई राज्यों में विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है।
Updated on:
01 Jan 2024 02:06 pm
Published on:
01 Jan 2024 11:42 am

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