24 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

10 वीं का हिंदी का पेपर आउट! जानिए सोशल मीडिया पर वायरल होने पर क्या बोले अधिकारी

स्टूडेंट की सालभर की मेहनत की परीक्षा प्रारंभ हो गई है। माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) यानि एमपी बोर्ड की 10 वीं क्लास की परीक्षा शुरू हो गई है। 10 वीं बोर्ड का पहला पेपर हिंदी का था। परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा शुरु होने से पहले ही हिंदी का यह पेपर सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। हालांकि MP बोर्ड के अधिकारी पेपर आउट होने की बात नकार रहे हैं।

2 min read
Google source verification
hindi.png

स्टूडेंट की सालभर की मेहनत की परीक्षा प्रारंभ

स्टूडेंट की सालभर की मेहनत की परीक्षा प्रारंभ हो गई है। माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) यानि एमपी बोर्ड की 10 वीं क्लास की परीक्षा शुरू हो गई है। 10 वीं बोर्ड का पहला पेपर हिंदी का था। परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा शुरु होने से पहले ही हिंदी का यह पेपर सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। हालांकि MP बोर्ड के अधिकारी पेपर आउट होने की बात नकार रहे हैं।

एमपी बोर्ड की 10 वीं की परीक्षा सोमवार को शुरु हुई। 10वीं बोर्ड का पहला पेपर हिंदी का था। सुबह 9 बजे से शुरु होनेवाले पेपर के लिए परीक्षार्थियों को सुबह आठ बजे तक पहुंचना अनिवार्य किया गया था। पहले दिन जहां अधिकांश परीक्षार्थी समय से पूर्व ही पहुंच गए वहीं कई लेट भी हुए। आपाधापी में कई बच्चे दुर्घटना का भी शिकार हो गए।

यह भी पढ़ें: एचएसआरपी प्लेट पर बड़ी राहत, कार-बाइक वालों का नहीं कटेगा चालान

हिंदी का पेपर सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक था। इधर इंदौर में परीक्षा के पहले ही 10 वीं क्लास का हिंदी का पेपर आउट हो गया। कुछ ग्रुपों में इसे पोस्ट किया गया और देखते ही देखते कुछ ही मिनटों में सोशल मीडिया पर हिंदी का यह पेपर वायरल हो गया।

इधर शिक्षा विभाग ने 10वीं क्लास के बोर्ड के हिंदी के पेपर आउट होने की बात को पूरी तरह खारिज कर दिया है। स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने साफतौर पर कहा है कि हिंदी का पेपर आउट होने की बात पूरी तरह से गलत है। जिला शिक्षा अधिकारी मंगलेश कुमार व्यास के अनुसार सोशल मीडिया पर वायरल हिंदी का पेपर फेक है।

यह भी पढ़ें: बड़े स्कूलों में मुफ्त होगी पूरी पढ़ाई, एडमिशन के लिए फरवरी में परीक्षा

स्कूल शिक्षा विभाग के अनुसार परीक्षार्थियों को बरगलाने के लिए ये हरकत की गई है। इस मामले की जांच भी की जा रही है और उचित कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार वायरल हुए पेपर और परीक्षार्थियों को दिए गए बोर्ड के हिंदी के पेपर बिलकुल अलग हैं। वायरल और वास्तविक पेपर के कोड भी अलग अलग हैं।