
भोपाल। 12 वर्ष से कम उम्र की बच्ची के साथ बलात्कार के आरोपियों को मध्य प्रदेश में फांसी की सजा देने के प्रावधान को फिलहाल कैबिनेट ने टाल दिया है। यह प्रस्ताव अब अगली कैबिनेट में रखा जाएगा। जबकि इससे पहले सीएम शिवराज सिंह भी कई बार बलात्कार के आरोपियों को फांसी देने के पक्ष में कानून बनाने पर बयान दे चुके हैं।
दरअसल इसके लिए दंड विधि संशोधन विधेयक 2017 के प्रस्ताव पर कैबिनेट में चर्चा होनी थी, जो पूरी नहीं हो पाई। इस विधेयक के जरिए महिलाओं से छेड़छाड़ के आरोपियों की सजा में भी इजाफा किया जाना था।
ज्ञात हो कि मप्र सरकार दुष्कर्म के आरोपियों को सख्त से सख्त सजा दिलाने के पक्ष में है, जिसके लिए कानून में संशोधन किए जा रहे हैं। कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद इस विधेयक को विधानसभा के शीतकालीन सत्र में पेश किया जाना था। विधानसभा में पारित होने के बाद राज्य सरकार इसे मंजूरी के लिए केन्द्र को भेजेगी।
ये हुआ कैबिनेट में...
कैबिनेट में नाबालिग से रेप पर फांसी का प्रस्ताव आया, लेकिन इस पर कहा गया कि पहले अच्छी तरह से विचार विमर्श कर लिया जाए। क्योंकि यह मामला किसी की जीवन और मौत से जुड़ा हुआ है। इस कारण इस पर विधि महिला बाल विकास होम और स्वास्थ्य विभाग अध्ययन करेंगे, इसके बाद यह प्रस्ताव वापस कैबिनेट में लाया जाएगा। फिलहाल इस प्रस्ताव को टाल दिया गया है इस प्रस्ताव में नाबालिग से रेप पर फांसी या 10 साल की सजा का प्रावधान था।
दूसरा अनुपूरक बजट अब 26 नवंबर को विशेष कैबिनेट में रखा जाएगा यह कैबिनेट 26 नवंबर को केवल बजट के मुद्दे पर होगी 27 नवंबर से विधानसभा का शीतकालीन सत्र शुरू होगा इसलिए इसके पूर्व कैबिनेट में अनुपूरक बजट मंजूर किया जाएगा आज कैबिनेट में अनुपूरक बजट के प्रस्ताव को कुछ कमियों के कारण रोक दिया गया।
पीड़िता भी चाहती है दुष्कर्मियों की फांसी...
वहीं इससे पहले पीडित बेटी भी दरिंदों को चौराहे पर फांसी चढ़ाने की मांग कर चुकी है। दरअसल गैंगरेप की शिकार हुई 19 वर्षीय बेटी पिछले दिनों जब पहली बार मीडिया के सामने आई। तो उसने आक्रोश भरे लहजे में कहा था कि दरिंदों को चौराहे पर फांसी में लटकाकर मार दिया जाए। मुझे यह इंसाफ अकेले के लिए नहीं चाहिए। यह उन पीडि़ताओं के लिए भी इंसाफ होगा जो ऐसे दौर से गुजरी हैं।
मंगलवार को इन मुद्दों पर हुई चर्चा...
- ओंकारेश्वर में तीर्थ यात्रियों से लिए जाने वाला तीर्थकर समाप्त होगा।
- मध्य प्रदेश करों की पुरानी बकाया राशि का समाधान विधेयक।
- प्रदेश में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का क्रियान्वयन।
- किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज पर कर्ज।
- इसके अलावा राज्य सरकार सूखा राहत और भावांतर योजना में बड़े खर्च की पूर्ति के लिए अन्य विभागों के बजट में 40 फीसदी बजट की कटौती करने जा रही है।
Published on:
21 Nov 2017 03:15 pm
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