12 फ़रवरी 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

MP Election 2023: चुनावी डामरीकरण, क्षेत्र की जनता ने किया विरोध-प्रदर्शन

मतदान से पहले सडक़ों पर डामरीकरण का काम तेजी से किया जा रहा है। जल्दबाजी का डामरीकरण गुणवत्ता खराब के साथ दुर्घटना का सबब बन रहा है...

2 min read
Google source verification
mp_election_news_in_hindi_bhopal_news.jpg

मतदान से पहले सडक़ों पर डामरीकरण का काम तेजी से किया जा रहा है। जल्दबाजी का डामरीकरण गुणवत्ता खराब के साथ दुर्घटना का सबब बन रहा है। इस मामले में अवधपुरी में बीडीए रोड पर रहवासियों ने धरना प्रदर्शन भी किया। जिस तरह डामर किया जा रहा है, आचार संहिता के बाद वह उखड़ जाए व रोड पर फिर गड्ढे उभर आए तो बड़ी बात न होगी।

40 सडक़ों पर हो रहा डामर

अक्टूबर के आखिर में डामर के प्लांट शुरू हुए। बारिश में पूरी तरह उखड़ चुकी सडक़ों का काम अक्टूबर के आखिर में शुरू कराया। अब सात दिन में इसे पूरा करने का लक्ष्य लेकर काम किया जा रहा है। मतदान तक सडक़ें ठीक नजर आएं इस पर फोकस है, इसमें गुणवत्ता गड़बड़ हो रही है। मनमर्जी के काम से परेशान व नाराज रहवासी अब निर्माण रोकने सड़क पर उतरने लगे हैं। अवधपुरी में प्रदर्शन करने वाले अमन वर्मा ने बताया, सडक़ के बीच में खंभे लगा दिए गए हैं और घटिया डामर बिछाई है। अब रोड टूट रही है और खंभों से दुर्घटना हो रही। उनके खुद के भाई के साथ दुर्घटना हुई।

ये हैं जिम्मेदार, लेकिन मौन

खजूरीकला से बायपास तक करीब पौने दो किमी की इस रोड को नगर निगम बनवा रहा है। फिलहाल निगम की सिविल शाखा के प्रभारी आरके सक्सेना है और वे इस पूरे मामले में कुछ भी नहीं बोलने को तैयार नहीं हैं। इन्होंने बीच सडक़ पर करीब सवा सौ खंभे गड़वा दिए। जो टेंडङ्क्षरग की उसमें गड़बड़ी कर ठेकेदार को मनमर्जी की छूट दी गई। अब विरोध शुरू हुआ तो इंजीनियर से लेकर ठेकेदार सब मौन है। जबकि बीच रोड पर गड़े खंभे से कई बार बड़े हादसे हो चुके हैं। इतना ही नहीं आएदिन कोई न कोई वाहन खंभे से टकरा जाता है। कई बार रहवासियों ने इस बारे में शिकायत की लेकिन आज तक कोई पहल नहीं की गई। सिर्फ आश्वासन ही मिल रहा है।

ये भी पढ़ें : MP Election 2023: टूटने लगी भाषा की मर्यादा, भैंस चोर और सट्टेबाज हो गए नेताजी

ये भी पढ़ें :mp election 2023 : जब सुरक्षा का नहीं है अहसास, नेताजी पर तब कैसे करें विश्वास