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एमपी के किसानों पर मंडराया वैश्विक संकट, 01 अप्रैल नहीं इस दिन से होगी MSP पर गेहूं खरीदी

MP Farmers Attention : राज्य सरकार ने समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी की तारीख फिर बदल दी है। प्रदेशभर में अब गेहूं खरीदी 01 अप्रैल से नहीं होगी। भोपाल, इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम संभाग के जिलों में 10 अप्रैल से खरीदी शुरु होगी, जबकि शेष संभागों में 15 अप्रैल से।

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MP Farmers Attention

एमपी में समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी की तारीखें बढ़ीं (Photo Source- Patrika)

MP Farmers Attention :मध्य प्रदेश में गेहूं खरीदी की तारीख में एक बार फिर बदलाव कर दिया गया है। अब न्यूनतम समर्थन मूल्य 2,885 रुपये प्रति क्विंटल पर गेहूं का उपार्जन 01 अप्रैल को नहीं किया जाएगा। इसके लिए भोपाल, इंदौर उज्जैन और नर्मदापुरम संभाग के जिलों के लिए 10 अप्रैल निर्धारित की गई है, जबकि प्रदेश के शेष संभागों में खरीदी 15 अप्रैल से शुरु की जाएगी।

सरकार ने कैबिनेट समिति की अहम बैठक में फैसला लेते हुए कहा कि, पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के हालातों से उत्पन्न हुए संकट के चलते जूट के बोरों की कमी आई है, जिससे खरीदी प्रक्रिया डिले की जा रही है। इस स्थिति से निपटने के लिए सरकार ने चार करोड़ सिंगल यूज बोरों की खरीद के लिए टेंडर जारी किए हैं। इनके उपलब्ध होते ही खरीदी प्रक्रिया तेज की जाएगी। आपको बता दें कि प्रदेश में कुल 19 लाख 4 हजार 651 किसानों ने पंजीयन कराया है। जो बीते साल की तुलना में ज्यादा है। पिछले साल 15 लाख 44 हजार किसानों ने पंजीयन कराया था।

मंत्री गोविंद सिंह ने दिए निर्देश

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई इस बैठक के बाद खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि, वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए खाद्यान्न आपूर्ति और भंडारण व्यवस्था की समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि, खरीदी प्रक्रिया को पारदर्शी, समयबद्ध और व्यवस्थित ढंग से चलाएं, ताकि किसानों को कोई परेशानी न हो। सरकार ने ये सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए कि, किसानों को उनकी उपज का भुगतान समय पर किया जाए। साथ ही, निगरानी व्यवस्था भी सुदृढ़ करने पर जोर दिया गया, ताकि खरीदी प्रक्रिया सुचारु रहे।

अधिकारियों को सख्त निर्देश भी दिए गए

खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने इस संबंध में प्रदेश के सभी संबंधित जिला अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं। जैसे- खरीदी प्रक्रिया को सुचारू और पारदर्शी तरीके से संचालित करने के लिए सभी आवश्यक तकनीकी और बुनियादी तैयारियां निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण कर ली जानी चाहिए। विभाग ने इस बात पर भी विशेष बल दिया है कि केंद्रों पर आने वाले किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े, इसके लिए पेयजल, छाया और बैठने जैसी बुनियादी व्यवस्थाएं दुरुस्त रखी जाएं।

किसानों के लिए स्लॉट बुकिंग जरूरी

गेहूं विक्रय की प्रक्रिया को व्यवस्थित बनाए रखने के लिए प्रशासन ने स्लॉट बुकिंग प्रणाली को प्रभावी रूप से लागू किया है। इस प्रणाली से किसान अपनी व्यक्तिगत सुविधा के अनुसार किसी भी उपलब्ध तिथि का चयन कर सकेंगे और निर्धारित केंद्र पर जाकर अपना गेहूं बेच सकेंगे। स्लॉट बुकिंग की प्रक्रिया को सरल बनाया गया है, ताकि ज्यादा से ज्यादा किसानों को फायदा मिले।

कैसे करें स्लॉट बुकिंग

स्लॉट बुकिंग करने के लिए किसानों के पास कई विकल्प मौजूद हैं। वे अपने नजदीकी एमपी ऑनलाइन कियोस्क, कॉमन सर्विस सेंटर यानी सीएससी पर जाकर या स्वयं ही एमपी ई-उपार्जन पोर्टल के माध्यम से अपना ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन और स्लॉट बुकिंग सुनिश्चित कर सकते हैं। प्रशासन ने किसानों से यह विशेष अपील की है कि वे अपने द्वारा बुक किए गए निर्धारित स्लॉट के दिन ही संबंधित केंद्र पर अपनी उपज लेकर पहुंचें। इससे केंद्रों पर अनावश्यक भीड़ नहीं होगी और सुचारू खरीदी व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग मिलेगा।

विपक्ष ने साधा निशाना

इधर, कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री अरुण यादव ने खरीदी की तारीख बार-बार आगे बढ़ाए जाने पर सरकार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि किसानों की मेहनत खेतों में पड़ी है, लेकिन सरकार लगातार तारीख बदल रही है- पहले 16 मार्च, फिर 1 अप्रैल और अब 10 अप्रैल। इससे स्पष्ट होता है कि किसानों की समस्याएं प्राथमिकता में नहीं।

ये सदस्य रहे बैठक में मौजूद

बैठक में राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा, परिवहन एवं स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह, कृषि मंत्री एंदल सिंह कंसाना और पशुपालन मंत्री लखन पटेल समेत वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।