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राजस्थान की भोपाल से दूरी होगी कम, नितिन गडकरी ने दी हरी झंडी

MP News: मध्यप्रदेश में सिंहस्थ 2028 को देखते हुए कई सड़कों का निर्माण कार्य किया जा रहा है। जावद-भोपाल के बीच सड़क को नितिन गडकरी ने मंजूरी दे दी है।

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MP News: मध्यप्रदेश में सिंहस्थ-2028 को देखते हुए सड़कों का जाल बिछाया जा रहा है। लोगों की सुविधा को दृष्टिगत रखते हुए जावद से भोपाल तक के नई सड़क निर्माण का एक प्रस्ताव जावद विधायक और पूर्व मंत्री ओमप्रकाश सखलेचा ने केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के समक्ष रखा है। प्रस्ताव को हरी झंडी मिल जाती है तो नीमच से भोपाल की दूरी घटकर 313 किलोमीटर हो जाएगी।

पूर्व मंत्री व जावद विधायक सखलेचा ने केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री गडकरी से उनके दिल्ली स्थित सरकारी बंगले पर भेंट की। सखलेचा ने कहा कि आपके नेतृत्व में देश ने गत वर्षों में राष्ट्रीय सड़क मार्गों व सड़क निर्माण कार्यों में उल्लेखनीय प्रगति की है।


इस दौरान परिवहन मंत्री के समक्ष जावद से जावी- जारड़ा-नाहरगढ़-कल्याणपुरा-तीतरोद-आगर-सारंगपुर-श्यामपुर-भोपाल मार्ग का निर्माण किए जाने का प्रस्ताव रखा। सखलेचा ने बताया कि यदि नया प्रस्ताव मार्ग बनकर तैयार हो जाता है तो नीमच से भोपाल की दूरी 313 किलोमीटर की रह जाएगी। इस मार्ग के बनने के बाद नीमच-मंदसौर-जावरा-उज्जैन-देवास- भोपाल मार्ग से 100 किलोमीटर दूरी कम होकर यात्रियों का 7 घंटे का सफर मात्र 4 घंटे में पूरा हो सकेगा।

इन्हें भेजा जाएगा प्रस्ताव

ओमप्रकाश सखलेचा ने इस संबंध में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और मुयमंत्री डॉ. मोहन यादव के समक्ष भी जावद से भोपाल तक नई सड़क का प्रस्ताव रखा है। गडकरी ने स्वीकृति हेतु मौखिक आश्वासन भी दिया है। सखलेचा ने बताया कि नीमच-मंदसौर-जावरा-उज्जैन-देवास-भोपाल जो वर्तमान में दूरी 430 किलोमीटर है, अगर जावद से भोपाल सीधी नई सड़क बनाई जाए तो उसकी दूरी 298 किलोमीटर होगी। यदि सडकों को लिंक कर दिया जाए और आवश्यक मार्गों का निर्माण हो जाए तो यह दूरी 313 किमी होगी।

राजस्थान की दूरी हो जाएगी कम

सखलेचा ने बताया कि पर्यटन क्षेत्र का विकास होगा। मां बगलामुखी, पशुपतिनाथ, भादवामाता, सूखानंद धाम, मोहनखेड़ा तीर्थ, नागेश्वर तीर्थ, सांवरिया सेठ आने-जाने वाले श्रद्धालुओं की कनेक्टिविटी बढ़ेगी। मध्यप्रदेश के एक छोर से राजस्थान सीमा से भोपाल की दूरी कम होगी। 5 अंतरराजीय मार्गों से होकर जाने वाली आगरा मुंबई सड़क से इस रोड की कनेक्टिविटी होगी जिससे क्षेत्र की व्यावसायिक उन्नति भी होगी साथ ही व्यावसायिक वाहनों के आवागमन में सुलभता होगी। आगामी उज्जैन सिंहस्थ में राजस्थान से आने वाले यात्रियों एवं श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने के साथ ही यातायात से राहत मिलेगी।