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298 किमी लंबी ‘रेललाइन’ में आने वाले ‘बाघ कॉरिडोर’ का सर्वे होगा

MP News: मध्य प्रदेश के इटारसी से नागपुर तक प्रस्तावित 298 किलोमीटर लंबी रेल लाइन का काम शुरु होने से पहले सरकार सर्वे कराएगी।

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MP News: नागपुर-इटारसी के बीच प्रस्तावित 298 किलोमीटर लंबी तीसरी रेल लाइन काम शुरु होने से पहले मध्य प्रदेश सरकार बाघ कॉरिडोर का सर्वे कराने जा रही है। इस सर्वे की शुरुआत बारिश के बाद होगी और इसे 14 महीने में पूरा कर लिया जाएगा। वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए प्रदेश के साथ-साथ देश भर के वन्यजीव विशेषज्ञों की मदद ली जाएगी। जो कि रेल बिछाने से वन्यप्राणियों को होने वाले खतरों की रिपोर्ट सरकार को देंगे।

दरअसल, बीते दिनों केंद्र सरकारी की ओर से इटारसी-नागपुर के बीच तीसरी रेल लाइन को मंजूरी दी गई है। अभी एक रेल लाइन अंग्रेजों के समय तो दूसरी रेल लाइन भी कई वर्ष पुरानी है। तीसरी लाइन का काम पूरा होने में लगभग 10 साल या उससे अधिक समय लगने की संभावना है।

वन्यजीव होंगे प्रभावित

दिल्ली, नागपुर वाया इटारसी से गुजरने वाले रेलवे ट्रैक काफी अहम है। यहां पर बड़ी संख्या में ट्रेनें गुजरती हैं। जिससे वन्यजीव प्रभावित होते हैं। एमपी और महाराष्ट्र पड़ोसी राज्य हैं। दोनों राज्य के बाघ जंगल साझा करते हैं। यह मेलघाट कॉरिडोर से मूवमेंट करते हैं। तीसरी रेललाइन इसी कॉरिडोर से गुजरने वाली है। जिसको देखते हुए सरकार ने सर्वे कराने के फैसला लिया है।

वन्यजीवों की सुरक्षा होगी जरूरी

चीफ वाइल्डलाइफ वार्डन शुभरंजन सेन ने बताया कि रेल लाइन के साथ-साथ बाघ व अन्य वन्यप्राणियों की सुरक्षा बहुत जरूरी है। इसे देखते हुए सर्वे के निर्देश दे दिए हैं। तय मापदंडों के तहत प्रत्येक बिंदुओं को देखेंगे। जरूरत पड़ी तो रेलवे का भी साथ लेंगे।