
Indore 23 death due to contaminated water 23 died: मृतक-भगवानदास। (photo:patrika)
Indore 23 Death due To contaminated Water: इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से लोगों की जान जाने का सिलसिला आखिर कब तक चलेगा। आज सोमवार को यहां एक और मरीज ने दम तोड़ दिया। इसके बाद मृतकों की संख्या बढ़कर 23 हो गई है। मृतक की पहचान भगवानदास पिता तुकाराम भरणे (64 वर्ष) के रूप में की गई है। पिछले करीब 10 दिन से वे अस्पताल में भर्ती थे। लगातार मौतों से शहर में दहशत का माहौल भी लगातार बना हुआ है। जिनके परिजन या बच्चे बीमार हैं, उन्हें उनकी जिंदगी का डर लगा रहता है और हर दिन दुआएं मांगते गुजर रहा है।
बता दें कि ये मौतें (Indore 23 Death due To contaminated Water people in Fear) तब हो रही हैं, जब हाईकोर्ट इस पर सख्त टिप्पणी तक कर चुका है, वहीं प्रशासन से इसका जवाब तक तलब कर चुका है। पहली मौत 21 दिसंबर को हुई थी आज 22 दिन बाद 23वीं मौत ने झकझोर कर रख दिया है। हर दिन हो रही औसतन एक व्यक्ति की मौत।
परिजनों का कहना है कि पहले भगवानदास को तबीयत बिगड़ने पर एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। लेकिन हालत गंभीर होने पर उन्हें बॉम्बे हॉस्पिटल रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार मरीज को अस्पताल लाए जाने के समय कार्डियक अरेस्ट आ चुका था।
चिकित्सकों ने तत्काल सीपीआर देकर उन्हें बचाने का प्रयास किया और वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया। इलाज के दौरान यह सामने आया कि मरीज गैंग्रीन सहित मल्टी ऑर्गन फेल्योर जैसी गंभीर समस्याओं से जूझ रहा था। भगवान दास के परिजनों को आखरी दम तक आस थी कि वो हर हाल में बच जाएंगे, लेकिन उनकी ये उम्मीद टूट गई। उनकी मौत के बाद परिवार सदमे में है।
इंदौर के भागीरथपुरा में (Indore 23 Death due To contaminated Water people in Fear) हालात अब भी भयावह हैं, अब तक 23 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं दर्जनों लोग बीमारी से जूझ रहे हैं। लोगों में डर बना हुआ है कि कहीं उनका अपना उनसे दूर न हो जाए। उनका कहना है कि नलों से बदबूदार पानी आ रहा था। शिकायतें कीं लेकिन किसी ने नहीं सुनी। अब लोग मरते ही जा रहे हैं।
मामले में एमपी हाईकोर्ट ने सख्ती दिखाई थी। लेकिन मौतों (Indore 23 Death due To contaminated Water people in Fear) का सिलसिला जारी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पानी की गुणवत्ता, सप्लाई व्यवस्था के साथ ही सरकार और जिम्मेदारों पर कड़ी टिप्पणी की थी। बावजूद इसके जमीनी हालत में कोई ठोस सुधार नहीं हुआ। पीड़ित लोग सवाल उठा रहे हैं, कोर्ट की चेतावनी के बाद भी कोई एक्शन क्यों नहीं लिया गया?
इधर, जमीनी हालात अब भी चिंताजनक बने हुए हैं। रहवासी टैंकरों के भरोसे हैं और यह साफ पानी का इंतजार कर रहे हैं। टंकियों से नियमित जलापूर्ति कब शुरू की जाएगी? नगर निगम रोजाना पानी की टेस्टिंग और सैंपलिंग कर रहा है, लेकिन स्थिति अब तक सामान्य नहीं हो पाई है।
Published on:
12 Jan 2026 01:10 pm
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