
court sentences three in plot fraud fake power of attorney 43 lakh case
mp news: मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में फर्जी पावर ऑफ अटॉर्नी के जरिए प्लॉट बेचकर धोखाधड़ी करने वाले तीन आरोपियों को जिला कोर्ट ने सजा सुनाई है। बारहवें अपर सत्र न्यायाधीश जयंत शर्मा की अदालत ने शुक्रवार को यह फैसला सुनाया। कोर्ट ने साद इफ्तेखार उर्फ गोल्डी, उसकी पत्नी फरनाज इफ्तेखार और आगा मोहम्मद खान को दोषी मानते हुए अलग-अलग धाराओं में 2 से 5 साल की सजा सुनाई है। इसके साथ ही एक-एक हजार का जुर्माना भी लगाया है। मामले में पैरवी अपर लोक अभियोजक अनिल शुक्ला ने की है।
अपर लोक अभियोजक अनिल शुक्ला ने बताया कि तीनों आरोपियों ने कोहेफिजा क्षेत्र स्थित हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी के प्लॉट नंबर बी-23 को फर्जी पावर ऑफ अटॉर्नी के आधार पर बेचने की साजिश रची थी। आरोपियों ने खुद को प्लॉट का मालिक बताकर शबनम जहां और उनके पति को झांसे में लिया। इसके बाद 26 अप्रैल 2018 को फरनाज इफ्तेखार ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर प्लॉट की रजिस्ट्री कराते हुए 43 लाख रुपये ले लिए।
फरियादी शबनम जहां व उनके पति ने जब कुछ दिन बाद प्लॉट पर कब्जा लेने के लिए फेंसिंग करवाई। तब एक अन्य व्यक्ति ने वहां पहुंचकर विवाद किया और बताया कि प्लॉट पहले से ही उसकी पत्नी के नाम पर खरीदा जा चुका है। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने असली मालिक के नाम पर फर्जी पावर ऑफ अटॉर्नी बनाकर धोखाधड़ी की थी। इसके बाद कोहेफिजा थाना पुलिस ने वर्ष 2019 में मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी और आरोपियों को गिरफ्तार किया था। कोर्ट में पेश साक्ष्य और गवाहों के बयान के आधार पर कोर्ट ने माना कि तीनों आरोपियों ने मिलकर आपराधिक साजिश रची और फर्जी दस्तावेज तैयार कर प्लॉट बेचकर धोखाधड़ी की। कोर्ट ने साद इफ्तेखार उर्फ गोल्डी को तीन वर्ष के सश्रम कारावास, पत्नी फरनाज इफ्तेखार को पांच वर्ष के कठोर कारावास और आगा मोहम्मद खान को दो से चार वर्ष तक के कारावास की सजा सुनाई है। तीनों पर एक-एक हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
Published on:
06 Mar 2026 09:57 pm
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