
दिल्ली से बैरंग लौटे मंत्री नागर सिंह चौहान, सीएम ने देर रात बुलाई मीटिंग
MP Politics: वन और पर्यावरण विभाग छिनने से नाराज मंत्री नागर सिंह चौहान (Nagar Singh Chouhan) का मंगलवार (23 July) ऊहापोह में ही बीत गया। शीर्ष नेतृत्व से मिलने वे सुबह से दिल्ली में रहे, लेकिन वहां नागर को कोई खास तवज्जो नहीं मिली। भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा से भी उनकी मुलाकात नहीं हो सकी। पार्टी ने साफ संदेश दिया कि प्रदेश में जाकर ही मामला सुलझाएं।
भरे मन से उन्होंने दिल्ली में सांसद पत्नी अनिता को कहा, 'जो होगा, अच्छा होगा' और शाम को भोपाल लौट आए। चूंकि मामला आदिवासी वोटबैंक से जुड़ा है, पार्टी इस मामले को हल्के में नहीं ले रही। यही वजह रही कि प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा भी शाम को दिल्ली से भोपाल आ गए। यहां आकर सीएम हाउस में रात को बैठक शुरू हुई। इसमें नागर और वीडी के साथ ही सीएम डॉ. मोहन यादव और संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा भी मौजूद रहे। मनाने-समझाने की कोशिश चलती रही, खफा चल रहे नागर आखिर में नरम पड़ गए।
दिल्ली में सांसद पत्नी के साथ निकले नागर पत्नी अनिता के साथ मध्यप्रदेश भवन से सुबह 11 बजे निकले। नड्डा की व्यस्तता से तीन घंटे संसद भवन में ही इंतजार करना पड़ा। वहीं दिन गुजरा। पत्रिका से तीन बार फोन पर कहा, अभी मीटिंग चल रही है।
रावत ने संभाला वन विभाग का जिम्मा पसोपेश के बीच रामनिवास रावत ने वनविभाग का जिम्मा संभाल लिया। उनके साथ राज्य मंत्री दिलीप अहिरवार के साथ ही कुछ समर्थक भी मौजूद थे। नागर की नाराजगी पर उन्होंने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया।
सोशल मीडिया पर खुद को विधायक बताया चौहान ने अपना वीडियो संदेश जारी किया। अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद की जयंती पर जारी वीडियो में चौहान ने खुद को मंत्री बताने की बजाय आलीराजपुर का विधायक ही बताया।
पत्नी के साथ दिल्ली के एमपी भवन पहुंचे नागर शाम 5.30 बजे एमपी भवन पहुंचे। पत्नी साथ में थीं। पत्रिका ने उनसे बात करने की कोशिश की तो बोलीं, 'जो भी कहना है, वे ही कहेंगे'। नागर कमरे तक भी नहीं गए और पत्नी को छोड़ भोपाल की फ्लाइट पकड़ी।
भोपाल में सरगर्मी बढ़ी, कहां बुलाया जाए तय हुआ भाजपा में सरगर्मी तेज हुई। डर इस बात का रहा कि नागर सिंह चौहान और उनकी सांसद पत्नी अनिता सिंह, दोनों ही इस्तीफा न दे दें। तय किया गया कि नागर को सीएम हाउस बुलाया जाए।
सीएम हाउस पर कहा, अभी शांत रहो आगे मौका लंबी चर्चा के बाद नागर को यह कहकर मनाया कि अभी शांत रहो, आगे सत्ता और संगठन में बेहतर अवसर दिए जाएंगे। नागर थोड़े नरम भी पड़ चुके थे। वे मान गए और 'पारिवारिक खुशी' दर्शाने का तस्वीर आ गई।
Updated on:
24 Jul 2024, 8:39 AM IST
Published on:
24 Jul 2024, 8:39 AM IST
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