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परीक्षा भर्ती विवाद: MPPEB ने अपात्रों की मैरिट बनाकर भेज दी!

स्क्रूटनी के दौरान हुआ खुलासा, पीईबी ने विभाग के पास वेटिंग लिस्ट ही नहीं भेजी।

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MP Vyapam

भोपाल। नगरीय प्रशासन एवं विकास संचालनालय के लिए समयपाल, उप स्वच्छता पर्यवेक्षक, सहायक राजस्व निरीक्षक के लिए प्रोफेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड ने दिसंबर 2016 में भर्ती परीक्षा (RECRUITMENT EXAM) आयोजित की थी।

मार्च 2017 में इसका रिजल्ट आया। इसके बाद दस्तावेजों की स्क्रूटनी के दौरान विभाग को पता चला पीईबी (VYAPAM) ने ऐसे लोगों को पास करके भेज दिया है जिनके पास उचित शैक्षणिक योग्यता ही नहीं है।

अत: सभी पास अभ्यर्थियों को अपात्र घोषित कर दिया गया। इस मामले में खास बात ये रही कि पीईबी ने विभाग के पास वेटिंग लिस्ट ही नहीं भेजी। अब मामले ने तूल पकड़ लिया है।

सवाल यह है कि यह कोई लापरवाही है या घोटाला। यदि लापरवाही है तो संबंधित के खिलाफ विभागीय कार्रवाई होनी चाहिए और यदि घोटाला तो मामला एसटीएफ को दे दिया जाना चाहिए।

दरअसल प्रोफेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड (PROFESSIONAL EXAMINATION BOARD) द्वारा पिछले साल समूह-4 के अंतर्गत विभिन्न विभागों के लिए सहायक ग्रेड-3, स्टेनोग्राफर, स्टेनोटायपिस्ट, डाटा एंट्री आॅपरेटर, आईटी आॅपरेटर सहित अन्य पदों पर भर्ती के लिए परीक्षा आयोजित की गई थी। इसमें नगरीय प्रशासन एवं विकास संचालनालय में शीघ्रलेखक, सहायक वर्ग तीन, समयपाल, उप स्वच्छता पर्यवेक्षक, सहायक राजस्व निरीक्षक के कुल 994 पद शामिल थे।

इसलिए कर दिया अपात्र:
परीक्षार्थियों के अनुसार पीईबी द्वारा आयोजित इस परीक्षा में प्रश्नपत्र के आधार पर मैरिट लिस्ट बनाकर विभाग को भेज दी।

इस लिस्ट में समयपाल के कुल 137 पदों के लिए केवल 4 ही परीक्षार्थी पात्र थे। बाकी के परीक्षार्थियों के पास विभाग द्वारा मांगी गई शैक्षणिक योग्यता ही नहीं थी। अत: विभाग ने इन्हें अपात्र कर दिया गया था। नियमानुसार बाकी के 133 पदों के लिए वेटिंग के परीक्षार्थियों को मौका दिया जाना था। इनके पास पात्रता भी थी, इसके बावजूद संचालनालय इन्हें मौका नहीं दे रहा क्योंकि पीईबी ने मैरिट लिस्ट के पास वेटिंग लिस्ट भेजी ही नहीं।

PEB ने आवेदन फार्म ही गलत:
प्रोफेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड की सबसे बड़ी गलती यह है कि उसने परीक्षा के लिए तैयार किया गया आवेदन फार्म ही गलत बनाया था। विभाग ने जो शैक्षणिक योग्यताएं मांगी थीं, उसका ध्यान ही नहीं रखा गया। अपात्र लोगों को भी परीक्षा में शामिल होने का अवसर दिया गया जबकि पीईबी का काम है कि वो आवेदन पत्रों की जांच करे और केवल पात्र अभ्यर्थियों को ही परीक्षा में शामिल करे।

यह है जिम्मेदारी :
पीईबी की यह भी जिम्मेदारी है कि परीक्षा आयोजित कराने के बाद वो मैरिट लिस्ट सहित वेटिंग लिस्ट और शामिल हुए सभी अभ्यर्थियों की जानकारी विभाग को भेजे परंतु पीईबी ने केवल मैरिट लिस्ट ही भेजी। पीईबी की लापरवाही के कारण एक तरफ विभाग को अब तक उसके कर्मचारी नहीं मिल पाए वहीं परीक्षा में बैठे योग्य उम्मीदवार अब तक बेरोजगार हैं।

इस संबंध में पीईबी के परीक्षा नियंत्रक एकेएस भदौरिया का कहना है कि पीईबी का काम संबंधित विभाग द्वारा तय नियम के अनुसार परीक्षा कराना है। दस्तावेजों की स्क्रूटनी करना संबंधित विभाग का काम होता है। यदि संचालनालय हमसे वेटिंग सूची मांगता है तो उसे उपलब्ध करा दी जाएगी।