
भोपाल@रूपेश मिश्रा
मध्यप्रदेश में बेरोजगारों पर दोहरी मार पड़ी है। एक ओर तो वे नौकरी पाने के लिए सालों-साल कड़ी मेहनत करते हैं, दूसरी ओर उनके हिस्से की नौकरी नेता, मंत्री के ओएसडी और अधिकारी अपने रिश्तेदारों में बांट देते हैं। अब इनके रसूख के सामने बेरोजगार खुद को ठगा सा महसूस करते हैं। मामला अनूपपुर जिले के डूमरकछार और बनगवां ग्राम पंचायत को अपग्रेड कर नवगठित नगर परिषद से जुड़ा है। डूमरकछार में 64और बनगवां में 74 लोगों का फर्जी संविलियन कर दिया गया। दोनों जगह फर्जी नौकरी का ऐसा खेल चला कि सूची में किसी न किसी के नाते-रिश्तेदार और सगे-संबंधी ही हैं।
मंत्री के पूर्व ओएसडी ने पहले बेटे की लगाई नौकरी, फिर स्थानांतरण
नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री के पूर्व ओएसडी जीवेन्द्र सिंह ने डूमरकछार में बेटे आयुष सिंह की पहले वसूली प्रभारी से राजस्व उप निरीक्षक के पद पर फर्जी संविलियन करवाया। इसके बाद जांच से बचने के लिए आयुष का स्थानांतरण नगर पालिका परिषद मंडीदीप करवा दिया। अब आयुष न तो उस ग्राम पंचायत के निवासी हैं और न ही उनके पास वहां का वोटर आइडी है। वहां पहले उन्होंने कभी काम भी नहीं किया है। बाद में जांच में सामने आया कि जीवेंद्र सिंह ने लिपिक पर दबाव बनाकर अपने पुत्र का स्थानंतरण कराया। जिस पर विभाग ने जिवेंद्र सिंह को निलंबित कर दिया। लेकिन वो हाईकोर्ट से स्टे ले आए।
जांच में रसूख की आंच, भ्रष्टाचारियों पर एफआइआर कब?
अनूपपुर जिले की डोला, डूमरकछार और बनगवां ग्राम पंचायत से नव गठित नगर परिषद में पहले फर्जी बैठक फिर प्रस्ताव और संविलियन के नाम पर फर्जीवाड़ा किया गया। अब तो जांच अधिकारी भी इसे स्वीकार कर चुके हैं। अब ऐसे में सवाल खड़ा होता है कि जिम्मेदारों पर एफआइआर क्यों नहीं की गई। जांच में रसूख की आंच क्यों आड़े आ रही है।
भोपाल से अनूपपुर तक एक ही रट... जांच चल रही
इस मामले में फर्जी संविलियन घोटाले की जांच कर रहे नगरीय प्रशासन विभाग के आयुक्त भरत सिंह यादव से लेकर अनूपपुर में बैठे अधिकारियों तक से बात की गई, लेकिन सभी का कहना यही था कि जांच चल रही है, दोषियों को सजा मिलेगी। लेकिन जांच कब पूरी होगी, इसका जवाब किसी के पास नहीं था।
डूमरकछार की फर्जी भर्ती में सामने आई रिश्तेदारी
कर्मचारी-इनसे है कनेक्शन
रवि किशोर गौतम-डोला सचिव राज किशोर शर्मा के भाई
जय कुमार कलशा-भाजपा के राजनगर मंडल अध्यक्ष राजेश कलशा के बेटे
शालिनी गौतम-रवि किशोर गौतम की पत्नी
इंदु चौरसिया-पूर्व उप-सरपंच एवं शिकायतकर्ता विक्रमादित्य चौरसिया की पत्नी
(पहले इन्होंने शिकायत की थी, फिर पत्नी को नौकरी मिलने के बाद चुप बैठ गए)
हर्ष गौतम-अनूपपुर भाजपा जिलाध्यक्ष बृजेश गौतम के रिश्तेदार
विवेक गौतम-अनूपपुर भाजपा जिलाध्यक्ष बृजेश गौतम के रिश्तेदार
आयुष सिंह-नगरीय प्रशासन मंत्री के ओएसडी जीवेंद्र सिंह के पुत्र
सुरेंद्र डहेरिया-डिप्टी कलेक्टर अनूपपुर विजय डहेरिया के भाई
(बाद में सुरेंद्र डहेरिया का नाम भी जांच से हटा दिया गया)
तरुण मनगोरिया-संयुक्त संचालक, नगरीय प्रशासन एवं विकास, संभाग, शहडोल और रीवा आरपी सोनी का भतीजा
सलमान- संचालक, तत्कालीन संचालक, नगरीय प्रशासन एवं विकास, संभाग, शहडोल मकबूल खान (वर्तमान में निलंबित हैं, इनके ऊपर कई एजेंसियों की जांच चल रही है) का भतीजा
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बनगवां की फर्जी भर्ती में ये कनेक्शन
कर्मचारी-इस तरह की रिश्तेदारी
देवेंद्र गौतम-भाजपा जिलाध्यक्ष बृजेश गौतम का रिश्तेदार
प्रदीप उरैती-कमेटी के सदस्य उपयंत्री संदीप सिंह उरैती का भाई
प्रियंका वैश्य-भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष आधाराम वैश्य की बेटी
राज कलशा-राजनगर भाजपा मंडल अध्यक्ष राजेश कलशा का पुत्र
मालती कलशा-राजनगर भाजपा मंडल अध्यक्ष राजेश कलशा की पुत्री
आकांक्षा गुप्ता-भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष, पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष जैतहरी व विंध्य विकास प्राधिकरण के पूर्व उपाध्यक्ष अनिल गुप्ता की बेटी
Published on:
02 Nov 2022 07:23 pm
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