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New education policy: 3 साल से कम उम्र के बच्चों को नहीं मिलेगी स्कूल में एडमिशन

MP School Admission: नई एजुकेशन पॉलिसी में अब 3 साल से कम उम्र वाले बच्चों का स्कूलों में एडमिशन नहीं होगा। 6 साल की आयु पूरी होने पर ही पहली कक्षा में एडमिशन मिल सकेगा। मध्यप्रदेश सरकार ने प्री प्राइमरी और प्राइमरी कक्षा में एडमिशन को लेकर राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुसार यह आदेश जारी किए हैं।

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भोपाल

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Puja Roy

Feb 29, 2024

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राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत स्कूल शिक्षा विभाग ने नर्सरी से लेकर क्लास पहली तक एडमिशन के लिए उम्र के क्राइटेरिया को लेकर नियम जारी कर दिए हैं। स्कूल शिक्षा विभाग ने साफ कर दिया है कि 3 साल से कम उम्र के बच्चों को नर्सरी में एडमिशन नहीं दिया जाएगा। इसके साथ ही 6 साल की उम्र होने पर ही पहली कक्षा में एडमिशन मिलेगा। राज्य शासन ने स्कूल शिक्षा विभाग और कलेक्टर्स को आदेश जारी कर दिए है।

अब कोई भी माता-पिता अपने बच्चों को निर्धारित उम्र से पहले नर्सरी, केजी और कक्षा-1 में एडमिशन नहीं दिला सकेंगे। अभी तक देखा जाता था कि माता-पिता 2 से 2.5 वर्ष के बच्चे को स्कूल में एडमिशन दिलवा देते हैं। लेकिन, इस आदेश से अब ऐसा करना संभव नहीं होगा।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति जारी हुए 4 साल हो गए हैं। मध्यप्रदेश इस नीति को अपनाने वाला कर्नाटक के बाद दूसरा राज्य है। बता दें कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति में एडमिशन की उम्र तय की गई है। अब स्कूल उम्र के आधार पर ही बच्चों को एडमिशन देंगे। आदेश के अनुसार प्री प्राइमरी और प्राइमरी कक्षाओं में विद्यार्थी के एडमिशन के लिए 1 अप्रैल की स्थिति में न्यूनतम तय की दी गई है।

- नर्सरी के लिए न्यूनतम 3 वर्ष अधिकतम 4 वर्ष 6 माह
- Kg-1 के लिए न्यूनतम 4 वर्ष, अधिकतम 5 वर्ष 6 माह।
- Kg-2 के लिए न्यूनतम 5 वर्ष, अधिकतम 6 वर्ष 6 माह।
- कक्षा-1 के लिए न्यूनतम आयु 6 वर्ष एवं अधिकतम 7 वर्ष 6 माह।


बच्चों को स्कूलों में प्रवेश को लेकर अभी तक नियमों का सख्ती से पालन नहीं हो रहा था। कई बच्चों को 3 साल से पहले ही नर्सरी में एडमिशन दे दिया जा रहा था। आमतौर पर प्राइवेट स्कूलों में ज्यादा देखा जा रहा था। लेकिन, अब शिक्षा विभाग ने इसके लिए उम्र तय कर दी है। जिसका सख्ती से पालन किया जाएगा। अगर कोई समय से पहले अपने बच्चे को दाखिला दिलाता है तो ऐसी स्थिति में उन पर कार्यवाही की जा सकती है।