
भोपाल. मध्य प्रदेश स्कूल शिक्षा विभाग ने नए शिक्षा सत्र के लिए शिक्षा के अधिकार के तहत निर्देश जारी किए हैं। सरकार ने ऑनलाइन नि:शुल्क प्रक्रिया के लिए कैलेड़र जारी कर दिया है।
प्रदेश के शिक्षा विभाग ने कहा है कि अब स्कूलों में शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2010 (Right To Education Act) के तहत ऑनलाइन एडमिशन कराए जाएंगे। अब बच्चे को प्रवेश ऑनलाइन लाटरी सिस्टम के द्वारा एडमिशन दिया जाएगा।
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साल 6 से 14 की आयु के सभी बच्चों को मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा (Free Education) देने के उद्देश्य से 1 अप्रैल 2010 को केंद्र सरकार ने शिक्षा का अधिकार अधिनियम बनाया। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने इस अपनी मुहर लगाते हुए पूरे देश में लागू करने का आदेश दिया। इस अधिनियम के अंतर्गत देश के हर बच्चे को शिक्षा प्राप्त करने का संवैधानिक अधिकार मिला। इसमें देश के हर 6 साल से 14 साल के बच्चे को मुफ्त शिक्षा प्राप्त कर सकता है। प्रत्येक बच्चा पहली से आठवीं तक मुफ्त और अनिवार्य रूप से पढ़ सकेगा। उसे अपने आसपास के स्कूल में प्रवेश लेने का अधिकार है।
शिक्षा का अधिकार अधिनियम के अंतर्गत बच्चों को मुफ्त शिक्षा के साथ-साथ स्कूलों में अन्य सुविधाएं जैसे-पेयजल की सुविधा, खेलकूद की सामग्री, खेल का मैदान आदि भी दिए जाने का प्रावधान है। इसमें बच्चों को फीस व अन्य किसी पाठ्य सामग्री पर कोई धनराशि भी नहीं देनी है। सरकारी स्कूलों में शिक्षा के अधिकार को लेकर 6 से 14 साल के बच्चों को प्रवेश लेकर पढ़ाई शुरू करने में दिक्कतें नहीं हैं। आरटीई एक्ट बड़े निजी स्कूलों पर भी लागू होता है, इन स्कूलों में जरूर विरोध की स्थिति है। हालांकि जो गरीब माता-पिता अपने बच्चों को छोटे-बड़े निजी स्कूलों में पढ़ाने में असमर्थ हैं, उन्हें आरटीई (RTE) से फायदा मिला है।
देखें मध्य प्रदेश स्कूल शिक्षा विभाग का आदेश
Published on:
14 Jun 2022 07:48 pm
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