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MP: पढ़ाई में फिर पिछड़ा, NCERT की रैंकिंग में 20वां नंबर

एनसीईआरटी के सर्वेक्षण के मुताबिक अंग्रेजी भाषा की शिक्षा में प्रदेश 20वें नंबर पर है, जबकि भारतीय भाषा की शिक्षा के मामले में 16वें स्थान पर

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rishi upadhyay

Sep 28, 2016

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भोपाल। एजुकेशन से जुड़ी कई रेटिंग्स में मध्य प्रदेश का नंबर काफी पीछे आता है। अब एनसीईआरटी के सर्वेक्षण ने मध्य प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था पर फिर से सवाल खड़े कर दिए हैं। एनसीईआरटी के सर्वेक्षण के मुताबिक अंग्रेजी भाषा की शिक्षा में प्रदेश 20वें नंबर पर है, जबकि भारतीय भाषा की शिक्षा के मामले में 16वें स्थान पर। गौर करने वाली बात है कि मध्य प्रदेश प्रमुख हिंदी भाषी राज्यों में से एक है। फिर भी स्थिति ये है कि मध्य प्रदेश हिंदी भाषा की शिक्षा में हिंदी भाषी राज्यों में ही पीछे नजर आता है।


2015 में हुआ था एनसीईआरटी का सर्वे
एनसीईआरटी का ये सर्वे साल 2015 का है, जिसमें देश के सभी राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों के चुने हुए 7216 स्कूलों के 77 हजार 416 स्टूड़ेन्ट्स के हर विषय का तीन बार टेस्ट लेकर डाटा तैयार किया गया है। इस सर्वे में हर राज्य के 358 स्कूलों का चयन किया गया था।

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हर स्कूल से 45 स्टूडेन्ट्स को इस सर्वे का हिस्सा बनाया गया था। इन चयनित विद्यार्थियों से नौवीं और दसवीं के सिलेबस से जुड़े सवाल पूछे गए थे। जिनके जवाबों के आधार पर ये रिपोर्ट सामने आयी है। इस सर्वे में बिहार और मणिपुर के स्कूलों को शामिल नहीं किया गया था।


देश के औसत स्तर से कम है प्रदेश की स्थिति
एनसीईआरटी की इस सर्वे रिपोर्ट से सामने आया है कि मैथ्स-साइंस और सोशल साइंस के मामले में ही नहीं, अंग्रेजी और आधुनिक भारतीय भाषा की शिक्षा में मध्य प्रदेश के 10वीं के स्टूडेन्ट्स का स्तर, देश के औसत स्तर से काफी कम है। यही नहीं, अंग्रेजी शिक्षा के मामले में शहरी विद्यार्थियों का औसत 20वें स्थान पर है, जबकि ग्रामीण स्टूडेन्ट्स में 21वें नंबर पर। वहीं भारतीय भाषा की शिक्षा में मध्यप्रदेश के ग्रामीण इलाकों की स्थिति 16वें स्थान पर, जबिक शहरी क्षेत्रों में 12वें पायदान पर है।



इस सर्वे रिपोर्ट में सामने आया है कि मध्यप्रदेश तमाम राज्यों से भाषा की शिक्षा के मामले में पीछे है। इन राज्यों में पंजाब, हरियाणा, आंध्रप्रदेश ,तेलंगाना, ओडिशा, आंध्रप्रदेश से लेकर आसाम, सिक्किम और जम्मू कश्मीर भी शामिल हैं। इन राज्यों की स्थिति मध्य प्रदेश से काफी बेहतर दिखाई देती है। इस सर्वे में स्कूल, पढ़ाई का माहौल, स्टूडेन्ट्स का बैकग्राउंड, टीचर्स की स्थिति आदि सभी पहलुओं को आधार बनाया गया था। जिसमें अधिकमत 450 अंक थे, जिसका औसत 250 अंक था।


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13वें और 16वें नंबर पर है मध्य प्रदेश
एनसीईआरटी के इस सर्वे में अंग्रेजी शिक्षा में ग्रामीण क्षेत्र के लिए औसत 244 रहा, वहीं शहरी क्षेत्रों के लिए औसत 263 रहा। इस सर्वे में अंग्रेजी भाषा की शिक्षा में नागालैंड(शहरी व ग्रामीण) दोनों वर्गों में पहले स्थान पर रहा। आधुनिक भारतीय भाषा की शिक्षा के मामले में केरल दोनो वर्गों में पहले स्थान पर रहा।



मप्र शहरी क्षेत्रों में आधुनिक भारतीय भाषा विषय की शिक्षा में 13वें स्थान पर रहा। जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में मध्य प्रदेश की स्थिति 16वें नंबर पर है, जो कि हरियाणा, राजस्थान, उत्तराखंड, तेलंगाना, हिमाचल और आन्ध्रप्रदेश जैसे राज्यों से भी पीछे है।

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