कांग्रेस में चल रही है मुख्यमंत्री के चेहरे को लेकर खींचतान...। कांग्रेस ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ को बताया अवश्यंभावी मुख्यमंत्री...।
भोपाल। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ को भावी मुख्यमंत्री बताने वाले नारे के बाद कांग्रेस के ही दिग्गज नेताओं ने कहा था कि कोई मुख्यमंत्री तय नहीं है। इसके बाद अब कांग्रेस ने कमलनाथ को 'अवश्यंभावी मुख्यमंत्री' बताकर एक बार फिर राजनीति गर्मा दी है। इस बीच, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी चुटकी लेते हुए कहा है कि दिल बहलाने के लिए गालिब ख्याल अच्छा है।
मध्यप्रदेश में पिछले कुछ दिनों से कमलनाथ को भावी मुख्यमंत्री बताने वाला नारा चल रहा है। इसके बाद अब कांग्रेस ने कमलनाथ (kamal nath) को अवश्यंभावी मुख्यमंत्री (avashyambhavi mukhyamantri ) बताने वाला नया नारा देकर राजनीति गर्मा दी है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (cm shivraj singh chauhan) ने इस पर कहा है कि खिसियानी बिल्ली खंभा नोंचे। कोई कह रहा है भावी, कोई कह रहा है अवश्यंभावी। दिल बहलाने को ख्याल अच्छा है। आपके दल के नेता ही कह रहे हैं कि कोई मुख्यमंत्री तय ही नहीं है। जनता कह रही है कि कांग्रेस की सरकार नहीं आना है, यही तय है। यह कांग्रेस की असली हालत है। कांग्रेस का धनीधौरी आज देश में भी नहीं है। अनेक राज्यों में भी नहीं है।
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कमलनाथ ही हैं सीएम पद का चेहरा
कमलनाथ सरकार के पूर्व मंत्री पीसी शर्मा (pc sharma) कहते हैं कि मध्यप्रदेश में सभी कांग्रेस नेता एक साथ हैं। मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष कमलनाथजी है। 2018 के पहले भी वे अध्यक्ष थे और मुख्यमंत्री बने। अभी भी अध्यक्ष हैं, उनके नेतृत्व में चुनाव लड़ा जाएगा। उनके नेतृत्व में ही कांग्रेस की सरकार बनेगी। पूर्व मुख्यमंत्री एवं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ही मुख्यमंत्री का चेहरा हैं।
पीसी शर्मा ने भाजपा की शिवराज सरकार पर भी तंज कसते हुए कहा कि जिनके घर शीशे के होते है वे दूसरों के घरों पर पत्थर नहीं मारा करते। आपके यहां जितने मंत्री, नेता और केंद्रीय मंत्री सभी लगे हैं। आपके मुख्यमंत्री की टांग पकड़कर खींच रहे हैं। उनको बाहर करना चाहते हैं। इसलिए पहले अपने घर को देखिएं।
भावी मुख्यमंत्री पर कांग्रेस में ही संग्राम
इधर, मध्यप्रदेश कांग्रेस के भीतर ही मुख्यमंत्री के चेहरे को लेकर संग्राम छिड़ा हुआ है। जब कांग्रेस पार्टी ने ही प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ को भावी मुख्यमंत्री बताया था तो पार्टी के भीतर ही वरिष्ठ नेता सवाल उठाने लगे। कांग्रेस के दिग्गज नेता अरुण यादव और अजय सिंह ने सवाल ही उठा दिए थे। पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने कहा था कि कांग्रेस में मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित करने की परंपरा ही नहीं है। चुनाव के बाद विधायक दल की बैठक में सीएम पद का फैसला होता है। पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरुण यादव ने भी इस मुद्दे पर सवाल उठाया था। पिछले दिनों जब भावी मुख्यमंत्री का नारा दिया गया था तब मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने तंज कसा था। चौहान ने कहा था कि अभियान तो चलाया था हाथ से हाथ जोड़ो अभियान, लेकिन अब अभियान चल रहा है, कमलनाथ से पीछा छुड़ाओ अभियान।
कमलनाथ बोले- ये कार्यकर्ताओं की इच्छा
इधर, बुधवार को उमरिया दौरे पर गए कमलनाथ ने भावी मुख्यमंत्री के होर्डिंग और पोस्टर लगाने के सवाल पर मीडिया से कहा कि इसे कार्यकर्ताओं की इच्छा बताया।