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चुनावी अदालत : समृद्ध और समस्या मुक्त हुजूर बनाना ही मेरा सपना है – रामेश्वर शर्मा

mp election 2018 : मैंने कभी सिक्स लेन सडक़ बनाने का वादा नहीं किया, पांच साल में सबसे ज्यादा काम हुजूर विधानसभा में ही कराया गया है - रामेश्वर शर्मा, भाजपा प्रत्याशी, हुजूर

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 रामेश्वर शर्मा, भाजपा प्रत्याशी, हुजूर

चुनावी अदालत : समृद्ध और समस्या मुक्त हुजूर बनाना ही मेरा सपना है - रामेश्वर शर्मा

राजधानी की हुजूर विधानसभा में पांच साल पहले के सडक़, पानी, बिजली, अतिक्रमण और आधारभूत जरूरतों के मुद्दे आज भी प्रमुख हैं। विधायक रामेश्वर शर्मा लगातार दूसरी बार प्रत्याशी यहां से प्रत्याशी हैं। गुरुवार को चुनावी अदालत में मतदाताओं के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि पांच सालों में सबसे अधिक काम हुजूर में कराया गया है। समृद्ध और समस्यामुक्त हुजूर बनाना ही मेरा सपना है।

2013 में कोलार में सिक्सलेन रोड का सब्जबाग दिखाया गया था। कॉलोनियों में आज भी गंदगी है।
मैंने कभी भी सिक्स लेन रोड का वादा नहीं किया था। अच्छी सडक़ों की बात हुई थी जिस पर काम लगातार किया जा रहा है।

जहां तक कॉलोनियों में गंदगी की बात है जितना अमला निगम के पास है उसका अधिक से अधिक उपयोग करने की कोशिश कर रहे हैं। जनता की मांग पर सडक़ें बनवानी पड़ती है। इसके बाद दूसरे जब काम होते हैं तो वे फिर टूटती हैं।

लेकिन कोलार में धरती पर अब जो सडक़ें बनेगी वे 30 साल से पहले नही टूटेंगी। हम जोनल प्लान पर काम कर रहे हैं। अब 40 साल तक सीवेज और पानी का मेंटिनेंस निगम नही करेगा। इसे निजी एजेंसी करेगी।

कोलार में साल 2013 तक संघ की कितनी शाखाएं थी और अब कितनी शाखाएं हैं।
देखिए मेरा तो सपना है कि हर घर में स्वयं सेवक हो। मैं इसके लिए लगातार प्रयास करूंगा। जब हर घर में स्वयं सेवक होगा तो खुद ही समझ लीजिए कितनी शाखाएं होंगी। वैसे मैं संघ की बात करूंगा तो कमलनाथ फिर नाराज हो जाएंगे। हुजूर में संघ की शाखाएं पहले थीं और आगे भी रहेंगी। कांग्रेस संघ और हिंदू विरोधी है। इसीलिए इस तरह की बातें कर रही है। संघ एक विचारधारा है। इसे कोई नहीं रोक सकता।

अतिक्रमण बड़ी समस्या है। बैरागढ़ में पार्किंग तक नही। बीआरटीएस सुविधा कम समस्या ज्यादा है।
यह बात सही है, लेकिन मैं आपको बता दूं कोलार में सर्वधर्म कॉलोनी से लेकर चीचली तक लोगों ने बिल्डिंग तो खड़ी कर ली है, लेकिन इतना भी स्थान नही छोड़ा कि एक सार्वजनिक शौचालय बनाया जा सके। हम अंडरग्राउंड पार्र्किंग और मल्टी लेवल पार्र्किंग पर काम कर रहे हैं। बीआरटीएस की बात है तो यहां पर मेंट्रो का प्लान है इसलिए इसे टूटना ही है।

इसके साथ ही संत हिरदाराम की कुटिया से लेकर सीहोर नाके तक एक फ्लाई ओवर बनाने का प्लान है।

आप पर आरोप है कि अब बड़े जिद्दी किस्म के नेता है। आप की इसी जिद के कारण पांच साल तक आप की विधायकी विवादों में रही। हां मैं जिद्दी हूं, लेकिन हुजूर के विकास के लिए। अगर जिद नही करूंगा तो काम ही नही होंगे। जिद नही करता तो विकास के लिए पैसे ही नहीं मिलते।

कोलार जो कि उपनगर है। इसके लिए भी तो मास्टर प्लान होना चाहिए।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कोलार को अल्ट्रा माडर्न सिटी बनाने का वादा किया है। ऐसे में निश्चित तौर पर इसका एक प्लान तैयार किया जाएगा। इसी के आधार पर विकास होगा। हम सीपीए, निगम और बीडीए को मिलाकर एक संयुक्त एजेंसी तैयार करेंगे। हम तो यहां तक प्रयास कर रहे हैं कि हुजूर विधानसभा क्षेत्र में इस तरह काम कराया जाए कि 50 साल तक कोई परिवर्तन करने की जरूरत न हो।


इसी दिशा में काम करते हुए हमने पिछले पांच साल में हुजूर का जबर्दस्त विकास किया है। मेरा दावा है कि जितना विकास हुजूर में हुआ उतना काम किसी अन्य विधानसभा क्षेत्र में नहीं हुआ।


शहर में रणनीति के तहत झुग्गियां और अतिक्रमण किया जा रहा है। इसे रोकने के क्या उपाय हैं।
2023 तक कोई भी झुग्गी में नही रहेगा। केंद्र सरकार की सबको आवास योजना के तहत पक्के मकान दिए जाएंगे। राज्य सरकार भी इसके लिए काम कर रही है। 05 लाख मकान बनाए जाएंगे। ये काम 2022 तक पूरा हो जाएगा। शहरों में हम 10 मंजिला बिल्डिंग बना रहे हैं। लोगों को मकान देकर उन्हें आधार कार्ड से जोड़ा जाएगा ताकि कोई इधर से उधर न हो सके।


राजधानी में झुग्गियां न रहें इसके लिए सर्वे करवाया जा रहा है। प्रदेश सरकार लगातार इस पर काम कर रही है। कोई भी झुग्गी में नही रहेगा।
कोलार में विकास के तमाम दावों के बाद भी पार्कों की स्थिति दयनीय है। इनके सुधार के लिए क्या प्लान है।
कोलार का हमने सर्वे कराया है। यहां लगभग 268 पार्क सूचीबद्ध हैं। पहले हमारा विचार था कि जनभागीदारी से इनका विकास कराया जाए।

लोग मिलकर मिट्टी, पानी, पौधरोपण करें बाद में कॉलानीवासी स्वयं उनकी देखरेख करें, लेकिन यह योजना सफल नहीं हो पाई। नगर निगम और उद्यानिकी विभाग के साथ मिलकर काम करेंगे। इन दोनों के माध्यम से कोलार के पार्कों को विकसित किया जाएगा। कई पार्क तो इतने छोटे हैं कि उनमें क्या विकास कराया जाए।