भोपाल। चाहे आइफिल टावर हो या स्टेच्यू ऑफ लिबर्टी, इन जगहों को देखकर सभी का मन एक बार वहां जाने का जरूर करता है और अगर आप कही घूमने गए हैं तो आपके फ्रेंड्स उस जगह के बारे में जानना चाहते हैं लेकिन जो बात आप फोटो से नहीं बता पाते अब उसे कहने के लिए भोपाल के एक शख्स ने ऐसी टैक्नोलॉजी विकसित की है, जिससे आप किसी जगह को बिल्कुल ऐसे देख सकेंगे जैसे आप उस जगह पर खड़े हों।
मोबाइल पर दिखेेंगे दुनिया भर के नजारे
वर्चुअल रिएलिटी (वीआर) टेक्नोलॉजी ने पर्यटन स्थलों को देखने और दिखाने का नजरिया बदल दिया है। अब आप अपने मोबाइल, लैपटॉप की स्क्रीन पर मॉन्यूमेंट्स को एेसे देख सकेंगे मानों आप खुद उस जगह पर खड़े हों। इंडिया में यह टेक्नीक नई है, लेकिन डिजिटल वल्र्ड से ताल्लुक रखने वाले सिटी के मूनिस अली ने इसे बतौर स्टार्टअप शुरु किया है। इस तकनीक के जरिए मूनिस ने भोपाल शहर के लगभग सभी प्रमुख स्थान व पर्यटन स्थलों को 360 डिग्री पर कैप्चर कर लिया है।
यूट्यूब वीडियोज देखकर आया आइडिया
मूनिस ने बताया कि करीब 6 महीने पहले यू ट्यूब पर वीडियो देख रहा था। इस दौरान मक्का शरीफ व काबा के 360 वीडियोज देखे। इसके अलावा कुछ पैराशूट राइड के भी वीडियोज देखे। चूंकि मुझे ट्रैवलिंग का शौक है तो मैंने सोचा कि इस टेक्नोलॉजी के जरिए तो पूरा देश घूमा जा सकता है। वीआर टेक्नोलॉजी से अब वीडियो-फोटो को 360 डिग्री के एंगल पर देखा जा सकता है। मुनिस ने भोपाल के अलावा दिल्ली, जयपुर, उदयपुर के भी टूरिस्ट स्पॉट्स को भी इसी अंदाज में शूट किया है।
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एमपी टूरिज्म को मिलेगा फायदा
मूनिस का कहना है कि वह एमपी टूरिज्म के लिए काम करना चाहते हैं क्योंकि एमपी के टूरिस्ट स्पॉट्स को अगर इस टेक्नीक से शूट करें तो बड़ी संख्या में लोग अट्रैक्ट होंगे। 360 डिग्री के एंगल पर इंडिया दिखाने का जज्बा लिए मूनिस ने यह सभी वीडियोज अपनी वेबसाइट, फेसबुक पेज समेत सोशल प्लेटफॉर्म पर शेयर किए हैं। जल्द ही सांची, जैसलमेर समेत मुंबई के हिस्टोरिकल स्पॉट्स को शूट करने की प्लानिंग है।
360 वीडियोज के बारे में मूनिस का कहना है कि इसमें आपको एक स्टिल फ्रेम वाइड एंगल, फिशआई एंगल से भी आगे दिखेगा। 360 कैमरा में 180 डिग्री के दो फिश-आई लेंस लगे होते हैं, स्पॉट्स को शूट करने के बाद इन दोनों फ्रेम को सॉफ्टवेयर की मदद से स्टिच किया जाता है। जिसके बाद फाइनल आउटपुट हमें वर्चुअल वल्र्ड में ले जाता है। वचुर्अल रिएलिटी टेक्नोलॉजी पर बेस्ड इन फोटो-वीडियोज को अगर वीआर ग्लासेज लगाकर देखें तो 7डी जैसा फील करेंगे। मूनिस के मुताबिक बहुत से लोग एेसे हैं जिन्हें देश के हर कोने को देखने का शौक है, लेकिन फाइनेंशियल प्रॉब्लम के चलते वह ट्रैवल नहीं कर पाते हैं। यह टेक्नोलॉजी एेसे लोगों के लिए काफी मददगार साबित होगी।है।